हम सभी पीछे बैठे थे और स्कूल की बाते कर रहे थे। वैन रोज की तरह ही अलग-अलग जगहों से बच्चे ले रही थी। पर, नीतिन भईया रोज की तरह ही बहुत तेज स्पीड में गाड़ी चला रहे थे। गाड़ी की स्पीड खड्ढ़ों एवं टर्न पर भी कम नहीं हो रही थी। हमने नीतिन भईया को बोला भी कि गाड़ी कम स्पीड में चलाओ। पर, वह रोज की तरह ही तेज स्पीड में गाड़ी चला रहे थे। हम रोज बोलते थे। पर, वह रोज इसी तरह स्पीड में चलाते थे। इसके बाद अचानक तेज आवाज आई और पूरा अंधेरा छा गया। इसके बाद क्या हुआ हमे कुछ पता नहीं चला।