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बांसवाड़ा में भड़की हिंसा की पूरी कहानी; युवक की हत्या के बाद उपजा था तांडव, 30 परिवार हुए घर से बेघर

Banswara Violence Update: बांसवाड़ा जिले के मोटागांव क्षेत्र के टामटिया गांव में रविवार देर शाम हुई हत्या के बाद उपजे तांडव से यहां 30 से अधिक घरों की बस्ती सोमवार को वीरान नजर आई।

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फोटो पत्रिका नेटवर्क

Banswara Violence Update: बांसवाड़ा। मोटागांव क्षेत्र के टामटिया गांव में रविवार देर शाम हुई हत्या के बाद उपजे तांडव से यहां 30 से अधिक घरों की बस्ती सोमवार को वीरान नजर आई। सुबह सूरज उगने के साथ ही झोंपड़ेनुमा और कच्चे-पक्के घर धुएं की कालिख से रंगे नजर आए। कई घरों में सुबह 7 बजे तक भी आग सुलग रही थी।

वहीं बाडों में में बकरियां और मुर्गियां खामोश बैठे थे। आदिवासी बस्ती के युवक गोविन्द की हत्या के बाद दो पक्षों में उपजे विवाद और आगजनी के बाद बस्ती के रहवासी पलायन कर गए। पुलिसकर्मियों की टोलियां अलग-अलग जगहों पर बैठी नजर आई। आगजनी के बाद बस्ती में एक किलोमीटर दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था।

बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा

सोमवार सुबह उदयपुर रोड पर बना सली पिपली बस स्टैंड सूना नजर आया। अमूमन यहां सुबह दुकानें खुल जाती हैं, लेकिन अभी सन्नाटा था। कुछ सरकारी कर्मचारी, जिनकी गांव में ड्यूटी है, वे यहां आए, लेकिन डरे-सहमे नजर आ रहे थे। पत्रिका टीम बस स्टैंड से आगे बढ़ी तो बस्सी आड़ा गांव का बोर्ड लगा नजर आया। यहां पुलिस लाइन का जाब्ता तैनात था। सडक़ के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर तक 25-30 घर जले हुए थे।

एक वैन, आठ मोटरसाइकिलें फूंक डाली

बस्ती में एक घर के आगे वैन पलटी हुई और पूरी तरह जली हुई थी। थोड़ा आगे बढ़े तो पक्के मकान के आगे बाइक पूरी तरह जली पड़ी थी। हत्या के आरोपी पक्ष की करीब आठ बाइकें जला दी गईं।

दरवाजे टूटे, कमरों में घरेलू सामान जलकर राख

घर के दरवाजे टूटे हुए थे। कमरों में अंदर बर्तन सहित पूरा सामान बिखरा था और जल चुका था। हैंडपंप पर स्टील के पानी का कलश पड़ा नजर आया। कच्चे घर की टूटी दीवार नजर आई। यहां घरों में आगजनी के चलते बर्तनों के अलाव अन्य कोई सामान बचा नजर नहीं आ रहा था।

पलंग जल गए, पालतू जानवर खामोश बैठे

ज्यादातर घरों के बाहर रखे लकड़ी के पलंग भी जल गए थे। वीरान घरों के आगे पालतू बकरियां और मुर्गे-मुर्गियां खामोश बैठे नजर आए।

पुराना विवाद, करवाया था मामला दर्ज

नानूराम का परिवार गोविंद की बहन को लगातार परेशान कर रहा था, जिसे लेकर गोविंद ने पूर्व में नानू के परिवार के समक्ष आपत्ति जताई थी। गोविंद के पिता छगन मईड़ा एवं चाचा नानूलाल कटारा ने परस्पर रिपोर्ट पुलिस को दी थी। विवाद थमा नहीं। रविवार को हुआ घटनाक्रम पुराने विवाद का अंजाम था।

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