
Video : राजस्थान का रण : राज्यमंत्री धनसिंह रावत बोले- चापलूसों के कारण टिकट कटा, पार्टी नेतृत्व ने गलत रिपोर्ट पर किया निर्णय
बांसवाड़ा. भारतीय जनता पार्टी की घोषित सूची में विधायक व ग्रामीण विकास व पंचायतीराज राज्यमंत्री धनसिंह रावत का टिकट कटने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी समर्थक आक्रोशित रहे। समर्थकों ने राज्यमंत्री के निवास पर पहुंच उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी। कार्यकर्ताओं ने 17 नवम्बर को रावत को निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल कराने का ऐलान किया। वहीं राज्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को धैर्य रखने और पार्टी नेतृत्व तक उनकी भावनाएं पहुंचाने की बात कहते हुए इशारों में यह संकेत भी दिया कि निर्णय नहीं बदलने पर वे पर्चा दाखिल करेंगे।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अपने निवास के सामने स्थित परिसर में बांसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री रावत ने कहा कि मंडल निर्दलीय चुनाव लड़ाना चाहते हैं, लेकिन इस पर पुनर्विचार करना होगा। आलाकमान तक आमजन की भावनाएं पहुंचाई जाएगी। राज्य नेतृत्व को हम से ज्यादा चिंता है। उनके काम पर कोई अंगुली न उठाए। सर्वोच्च्य नेतृत्व से न तो आप और न हम ऊपर हैं। उन पर पूरा भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता धैर्य रखें। आलाकमान अपने निर्णय पर विचार करेगा। हम तैयार रहें। कार्यकर्ता की भावना का सम्मान होगा। 19 तारीख तक का समय है, तब तक शांति बनाए रखें।
गलत रिपोर्ट दी
राज्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं को विश्वास था कि टिकट मुझे मिलेगा, लेकिन कुछ चापलूसों के कारण टिकट कटा। गलत रिपोर्ट देकर टिकट कटवाया है। इससे हताश होने की जरूरत नहीं है। जिसे टिकट मिला, उससे कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं हैं। पार्टी उच्च नेतृत्व दोबारा सर्वे एवं रिपोर्ट लेकर आमजन की भावनाओं के अनुरूप निर्णय करे। इस दौरान पार्टी जिला उपाध्यक्ष योगेश जोशी, मंडल अध्यक्ष रणछोड़ सोलंकी, नारायणलाल मईड़ा, कालूराम मईड़ा, सरपंच सत्यनारायण मीणा, मोनिका, वनिता देवी आदि ने संबोधित किया।
राज्यमंत्री के बयान को अध्यक्ष ने नकारा
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर जिला अध्यक्ष ने आत्महत्या करने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने समझाया यह गलत बात है। जिलाध्यक्ष कमजोर दिल का नहीं होना चाहिए। टिकट मिले या नहीं मिले, आलाकमान अच्छा निर्णय लेगा। वहीं इस मामले में जिलाध्यक्ष मनोहर त्रिवेदी ने कहा कि ऐसी कोई बात ही नहीं हुई। मैं संगठन का व्यक्ति हूं। कल भी उनके समर्थकों से समझाइश की थी। उन्होंने यह भी कहा कि रावत से इस बारे में बात की थी तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तो किसी कार्यकर्ता के बारे में कह रहे थे और मुंह से जिलाध्यक्ष शब्द निकल गया।
Published on:
17 Nov 2018 10:37 am
