
Banswara Crime :बांसवाड़ा के कलिंजरा थाना क्षेत्र के संग्रामपुरा गांव में एक किसान की रात में खेत में सिंचाई करते समय सिर पर फावड़े के वार से हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने मृतक की पत्नी के प्रेमी और पड़ोसी पर हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज करवाई। वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने सोमवार देर शाम एमजी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया।
संग्रामपुरा निवासी गौतम निनामा ने बताया कि उसका छोटा बेटा जगदीश, उम्र 29 वर्ष रविवार शाम खेत पर सिंचाई करने गया था। सोमवार तड़के तीन बजे उसने दूसरे बेटे दिनेश को खेत पर भेजा। दिनेश ने लौटकर बताया कि उसके भाई की हत्या कर दी गई। वह लहूलुहान चारपाई पर पड़ा है। सब लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी सरपंच प्रकाशचंद हुवोर को दी। सरपंच ने बताया कि मौके के हालात देख पुलिस को सूचित किया। सुबह 7 बजे सीआई विक्रम सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। फिर डीएसपी और एसपी ने भी घटनास्थल देखा। हत्या को लेकर परिजनों ने गांव के ही महेश पुत्र रमण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना के बाद से फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी है।
मृतक के छोटे भाई पवन ने बताया कि हत्या का आरोपी उनका पड़ोसी है। महेश का उनके घर आना-जाना रहता था। उसका भाभी से प्रेम-सबंध हो गया। परिजनों ने दोनों को रोकना चाहा तो उसकी भाभी ने डेढ़ साल पहले कीटनाशक खाकर जान देने की कोशिश की। बागीदौरा में इलाज के बाद वह बच गई। उसने और परिवार के अन्य लोगों ने आरोपी से समझाइश की। फिर आरोपी का उनके घर आना-जाना बंद हो गया। आरोपी के दिलाए दो मोबाइल भी भाभी के पास से मिले थे।
मृतक चारपाई पर पड़ा था। उसके सिर से खून बह रहा था। पास में ही 2 फावड़े पड़े हुए थे। इसमें एक पर खून लगा था। इन्हीं फावड़ों की मदद से वह खेत में सिंचाई कर रहा था। पुलिस ने दोनों फावड़े जब्त कर लिए। परिजनों का एक मोबाइल भी जब्त किया है। इधर, महात्मा गांधी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि मृतक के सिर में कई गहरे घाव थे।
परिजनों ने बताया कि मृतक की शादी को 10 साल से अधिक हो गए। आरोपी महेश भी विवाहित है। मृतक के 2 बेटे हैं। बड़ा 10 साल का, जबकि छोटा अभी 7 साल का है। परिजनों ने बताया कि जगदीश भारत आदिवासी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था। आरक्षण मंच से भी जुड़ा था।
सीआई विक्रम सिंह, बागीदौरा डीएसपी संदीप सिंह के बाद एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने भी मौका देखा। फारेंसिक टीम बुला घटनास्थल की जांच कराई व सबूत जुटाए। जरूरी सामान जब्त किया।
Updated on:
26 Nov 2024 01:00 pm
Published on:
26 Nov 2024 01:00 pm
