पूर्व मंत्री महेंद्र जीत सिंह मालवीया ने कहा कि एक आदेश, जिसमें लिखा है कि प्रशासनिक सेवाओं को ‘छोड़कर’ हमें केवल ‘जोड़कर’ शब्द करवाना है। हमारे बच्चे को भी प्रशासनिक सेवाओं में आरक्षण मिलने लगेगा। यदि 100 पदों की भर्ती होगी तो 12 पद हमारे लिए आरक्षित होंगे। 6 पद हमारे आदिवासी क्षेत्र के लिए होंगे। अभी दूसरे जिले इसका लाभ ले रहे हैं। रैली के जरिए किसी वर्ग, जाति व समाज से संघर्ष नहीं हाेगा। उपवर्गीकरण से आदिवासी अंचल में ओबीसी के अलग कोटे का रास्ता खुलेगा। इस क्षेत्र से प्रशासनिक सेवाओं में युवा नहीं आ पा रहे हैं। हमें कोर्ट से लड़ाई नहीं लड़नी, केवल सरकार को मनाना है। मंच का दावा था कि उन्हें सभी का समर्थन हासिल है, मगर कांग्रेस और क्षेत्रीय दल भारत आदिवासी पार्टी का कोई सदस्य यहां मौजूद नहीं था। वार्ता के दौरान चुने हुए 34 जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जो ज्यादातर भाजपा के हैं।