
Rajasthan News : राजस्थान के शहरों में जनहित की विकास परियोजना (डवलपमेंट प्रोजेक्ट) के लिए आसानी से जमीन लेने के लिए लैंड पूलिंग कानून बनाया गया, लेकिन नौकरशाह इसे उपयोग में लेने की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। नतीजा, जमीन नहीं मिलने के कारण जनहित से जुड़े कई प्रोजेक्ट अटक गए। केवल जयपुर में काम नजर आ रहा है। अब सरकार ने प्रदेश के दूसरे बड़े शहरों के लिए टारगेट का प्लान तैयार कर लिया है। इसमें जोधपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, अलवर, भीलवाड़ा, उदयपुर शामिल है। जयपुर में शिवदासपुरा और फागी रोड का प्लान तैयार किया गया है।
जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर व कोटा विकास प्राधिकरण को 100 हेक्टेयर जमीन चिह्नित करनी है। बीकानेर, अलवर, भीलवाड़ा के नगर विकास न्यास को 30 से 50 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर प्रोजेक्ट तैयार करना होगा।
1- खातेदारों को समझाइश से भूमि लेने के लिए तैयार किया जाएगा। मुआवजे के तौर पर यथासंभव अधिकतम 45 प्रतिशत तक विकसित भूमि मिलेगी।
2- जहां खातेदार की मूल भूमि होगी, यथासंभव उसी में से विकसित भूमि आवंटित की जाएगी। ऐसा नहीं होने पर सबसे निकट की भूमि खातेदार को आवंटित की जाएगी।
3- सड़क, सुविधा क्षेत्र, ईडब्ल्यूएस व एलआईजी वर्ग की जमीन आरक्षित करने के बाद 10 फीसद भूमि संबंधित निकाय को मिलेगी। मौके की परिस्थितियों और खातेदारों की सहमति के आधार पर इस अनुपात में बदलाव हो सकता है।
Updated on:
10 Nov 2024 11:18 am
Published on:
10 Nov 2024 11:18 am
