गनीमत यह भी रही कि जून 2023 में एनपीसीआईएल ने यहां 12 लाख की लागत से एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार कर संसाधन उपलब्ध कराए। इसके चलते इस हिस्से का रंगरोगन होने से दो साल तक चल गया। स्कूल स्टाफ ने बताया कि जब यहां एकमात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और कुछ साथी ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्हें हादसे की जानकारी मिली। पीछे की तरफ एजुकेशन साइंस पार्क की तरफ गए तो लैब की पूरी छत ही नीचे आ चुकी थी। यहां केमिस्ट्री लैब और छह कमरे हैं, जहां अब भवन के अंदर से होकर पहुंचना ही मुश्किल रहा।