
बांसवाड़ा/ घाटोल। घाटोल ग्राम पंचायत क्षेत्र में नए साल की सुबह एक किशोरी का शव उसके घर से मात्र सौ मीटर दूर खेत में पेड़ से लटका मिला। मौका मुआयने पर प्रथम दृष्ट्या पुलिस ने मामला आत्महत्या माना, लेकिन कारणों को लेकर संदेह गहरा गया। इस बीच, पुलिस ने मर्ग दर्ज कर कार्रवाई की।
थानाधिकारी प्रवीणसिंह सिसोसिया ने बताया कि घाटोल के बोदलापाड़ा गांव की 17 वर्षीया ईशा पुत्री जीतेंद्र कटारा मंगलवार दोपहर बाद करीब 2 बजे किसी काम से जाने का कहकर घर से निकली। उसके पिता अहमदाबाद में मजदूरी करने गए थे। उसके बाद उसने शाम तक वापसी नहीं की तो परिजनों ने समझा कि खेल प्रतियोगिता का आयोजन देखने गई होगी, जहां देर होने पर किसी सहेली या रिश्तेदार के घर पर ठहर गई। इसके चलते किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद बुधवार सुबह ईशा के काका घर से थोड़ी दूर खेत की तरफ गए तो उसका शव बबूल के पेड़ से शव लटका देखकर घबरा गए। सूचना पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इत्तला पाकर घाटोल तहसीलदार हाबुलाल व थाने से पुलिस दल मौके पर पहुंचा।
मौका मुआयने पर शव के पास मोबाइल, चप्पल, पैरों के पायल मिले। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल भेजा। जानकारी देने पर मृतका के पिता भी अहमदाबाद से निकल गए। इस बीच, मृतका के दादा बदिया पुत्र नाथू ने पुलिस को रिपोर्ट दी। इस पर मर्ग दर्ज कर एएसआई मेघराज ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंपा।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि ईशा 11वीं कक्षा की छात्रा होकर कानजी का गड़ा में अध्ययनरत थी। परिजनों ने मोटागांव क्षेत्र में उसका रिश्ता कर दिया था। उसकी अपने होने वाले ससुराल आना-जाना होता रहता था। थानाधिकारी सिसोदिया के अनुसार मृतका के घर या मंगेतर के लोगों से किसी तरह का संदेहास्पद तथ्य सामने नहीं आने से आत्महत्या के कारण अस्पष्ट है। इसके मद्देनजर पुलिस की जांच जारी है।
Published on:
02 Jan 2025 10:35 am
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
