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राजस्थान की इस पंचायत को नगर पालिका बनाया तो छिन गया 1300 लोगों का रोजगार, रोजी रोटी तक का संकट

दो माह से नहीं मिल रहा है श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार

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banswara

राजस्थान की इस पंचायत को नगर पालिका बनाया तो छिन गया 1300 लोगों का रोजगार, रोजी रोटी तक का संकट

बांसवाड़ा. परतापुर. गढ़ी-परतापुर को मिलाकर पंचायत से नगर पालिका बनाने की घोषणा ने करीब 1300 लोागों का रोजगार छिन गया है। मनरेगा के तहत कार्यरत श्रमिकों को गत दो माह से पंचायत क्षेत्र नहीं रहने से जॉबकार्ड धारी होने के बावजूद रोजगार नहीं मिलने से घर परिवार चलाना मुश्किल साबित होने लगा है। इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।

आधा दर्जन गांव के ग्रामीण हुए वंचित
राज्य सरकार ने मार्च में गढ़ी एवं परतापुर सहित आस-पास के चार अन्य गांवों को मिलाकर नगर पालिका बनाने की घोषणा की है, इसके चलते यह क्षेत्र अब ग्राम पंचायत से बाहर हो गया जिसके चलते यहां चल रहे मनरेगा कार्य भी बंद हो गए। इन गांवों में 1300 से अधिक लोग मनरेगा के तहत पंजीकृत हैं, लेकिन कार्य स्वीकृत नहीं होने से यह रोजगार से वंचित हो गए हैं। गौरतलब है कि करीब 10 वर्ष पूर्व परतापुर को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया था उस समय समस्या अधिक नहीं थी, लेकिन वर्तमान में गढ़ी सहित बेड़वा, खेरन का पाड़ा, मोरड़ी गांव को भी शामिल करने से यह समस्या उत्पन्न हुई है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन
ग्रामीणों ने मंगलवार को पूर्व उप सरपंच शंकरलाल बामनिया के नेतृत्व में जिला प्रमुख रेशम मालवीया को ज्ञापन देकर परतापुर में 1 हजार 300 जॉबकार्ड पंजीकृत श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका घोषणा के बाद इन परिवारों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने जॉबकार्ड धारियों को नगरपालिका के अन्तर्गत मनरेगा को पूर्ववत जारी रखने की मांग की है। ज्ञापन पर सूरज बरगोट, किशन ड़ामोर, धर्मेश, मनोज ड़ामोर, गौतम, विनोद ड़ामोर, पंकज ड़ाबी सहित ग्रामीणों के हस्ताक्षर है।

ग्रामीणों को बैंक शाखा के बाहर हंगामा
गांगड़तलाई. सल्लोपाट में सोमवार को बैंक शाखा प्रबंधक के व्यवहार को लेकर ग्रामीणों ने बैंक के बाहर हंगामा किया। बाद में पुलिस थाने व तहसील में ज्ञापन सौंपे। गडूली सरपंच पति मनोज मछार मंगलवार को बैंक ऑॅफ बड़ौदा शाखा पहुंचे। जहां शाखा प्रबंधक से किसी को ऋण दिलवाने की बात कही। इस पर प्रबंधक ने किसी को ऋण नहीं देने की बात कही बताई। मछार का आरोप है कि प्रबंधक ने अभद्र व्यवहार किया व किसी को ऋण नहीं देने से मना कर दिया। इस पर मछार भी भडक़ गए और ग्रामीणों की मौजूदगी में बैंक के बाहर हंगामा और प्रदर्शन किया। बाद में ग्रामीणों ने पुलिस थाना व तहसील कार्यालय में भी ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने मंगलवार को सल्लोपाट बंद का भी आह्वान किया।इधर प्रबंधक राजेश्वर चौहान ने बताया कि मैंने केवल नियम से कागज लगाने के लिए कहा था व ज्यादा कुछ नहीं हुआ।