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माफिया का मजबूत सूचनातंत्र…टीम पहुंचने से पहले ही भाग निकले

परवन नदी पर चल रहा था रेत का अवैध खनन
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 28 May 2021, 12:03 AM IST

माफिया का मजबूत सूचनातंत्र...टीम पहुंचने से पहले ही भाग निकले

माफिया का मजबूत सूचनातंत्र...टीम पहुंचने से पहले ही भाग निकले

अटरू. मायथा में परवन नदी पर कोरोना काल में रेत माफिया सक्रिया हो रहे हैं। पुलिस-प्रशासन ने गुरुवार शाम अटरू, मोठपुर थाने के पुलिस जाप्ते के साथ उपखण्ड अधिकारी दिनेश मीणा, उपपुलिस अधीक्षक श्योजीलाल, पुलिस वृतनिरीक्षक रामकिशन गोदारा ने मौके पर छापा मारा। इस दौरान टीम को देख रेत माफिया व उनसे जुडे श्रमिक आदि सब ट्रैक्टर लेकर भाग निकले। रेत निकालने के लिए डाल रखी नावों को नदी के बीच में ही छोड़ गए। इससे पुलिस-प्रशासन केवल रेत के ढेरों को वापस नदी में डालने, रेत जप्त करने व मुख्य रास्तों पर खाई आदि खोदने के अलावा कुछ नहीं कर सका। हालांकि टीम ने मौके से तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं।

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सूत्रों ने बताया कि मायथा में परवन नदी के किनारे कोरोना गाइडलाइन की पालना की धज्जियां उड़ रही हैं। यहां से रोजाना १५० से 200 ट्रोली रेत का अवैध खनन किया जाता है। रेत माफिया ने नावें नदी में डाल रखी हंै। इससे रेत निकाली जाती है। यहा प्रतिदिन दर्जनों लोग इस कार्य में जुटे रहते हंै।

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कार्रवाई से पहले ही मिल जाती है सूचना
सूत्रों ने बताया कि इन रेत माफिया का आलम यह है कि पुलिस-प्रशासन जैसे ही मायथा परवन में कार्रवाई करने के लिए निकली। इन्हें पहले ही इसकी सूचना मिल गई। एेसे में समय रहते भाग निकले। इसके पूर्व भी सोमवार-मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी ने रेत माफिया को पकडऩे का प्रयास किया था। तब भी वो भागने में सफल हो गए थे।

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करोड़ों का खेल
सूत्रों ने बताया कि परवन नदी से रेत निकलाने के काम में कई माफिया जुड़े हैं। ये लगातार रेत निकालकर नदी का सीना चीर रहे हैं। कई लोगों ने नदी से रेत निकालने का धंधे से जुड़कर अटरू सहित बड़े शहरों में संपत्तियां खरीद ली हैं। इस काम में करोड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं।