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Garlic Price Hike : बारां कृषि मंडी में लहसुन के 5,000 कट्टे की आवक, भावों में 3000 रुपए का उछाल, किसान खुश

Garlic Price Hike : बारां कृषि उपज मंडी स्थित लहसुन मंडी में गुरुवार को सफेद चांदी यानि लहसुन की कीमतों में करीब 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल का उछाल रहा।

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Rajasthan Baran Krishi Mandi 5,000 bags garlic garlic arrive Prices jump by Rs 3000

फाइल फोटो पत्रिका

Garlic Price Hike : बारां में कृषि उपज मंडी स्थित लहसुन मंडी में गुरुवार को पांच हजार से अधिक कट्टे लहसुन की आवक हुई। वही भावों में करीब 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल का उछाल रहा। वही मंडी में करीब डेढ़ लाख कट्टे गेहूं की आवक भी हुई। गेहूं के भाव करीब बंद बाजार की स्थिति में रहे। उपर में गेहूं 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक के भाव से बिके।

मंडी में अब लहसुन की आवक बढ़ने लगी है। गुरुवार को पांच हजार कट्टे से अधिक की आवक हुई। जहां पर ऊंटी बोम लहसुन 17 हजार 10 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। वही देशी बोम साइज लहसुन 9 से 11 हजार, फूलगोला 7 से 9 हजार, लड्डू 5 से 7 हजार तथा लाटरी 3500 से 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिका।

इस वर्ष उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की आई कमी

लहसुन व्यापारी जगदीश बंसल ने बताया कि सोमवार तक लहसुन की आवक करीब 10 हजार कट्टे तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हालाकि इस वर्ष उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई है। प्रति बीघा 6 से 7 क्विंटल ही उत्पादन निकल रहा है।

गेहूं के भाव बने रहे स्थिर

मंडी में गुरुवार को करीब डेढ़ लाख कट्टे गेहूं की आवक हुई। गेहूं उच्चतम 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिका, वही न्यूनतम 2300 रुपए प्रति क्विंटल रहे। गेहूं के भावो में बंद बाजार व खुलते बाजार में कोई फर्क नही आया है।

सफेद चांदी के कम उत्पादन से किसान निराशा

रबी सीजन की सफेद चांदी यानि की लहसुन के बाद किसानों को कम उत्पादन ने निराशा किया है। बारां के बोहत के किसान बंटी, सुमन विक्रम सिंह चौधरी, बृजमोहन सुमन ने बताया कि लहसुन की फसल में अत्यधिक खर्च के बावजूद पिछले वर्ष की तुलना में इसकी पैदावार काफी कम, लगभग आधी हुई है। कम उत्पादन और कमजोर गुणवत्ता के कारण किसानों को निराशा हाथ लगी है। इसमें कीटनाशक खाद में अधिक लागत और मेहनत ज्यादा लगने के बावजूद उत्पादन की कमी से किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है

बारां के लहसुन की देश विदेश में है मांग

बारां का धनिया, लहसुन और चावल की जहां देश के कोने-कोने में मांग है वहीं विदेशों में भी धनिया, लहसुन और चावल काफी पसंद किया जाता है। जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी विशेष श्रेणी की है। जिसका वार्षिक टर्नओवर करोड रुपए में है। जिले में करीब 3 लाख 45 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। जिसमें से लगभग 3 लाख 36 हजार हेक्टेयर में बुवाई होती है।