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मोटिवेशनल: मानसिक रोगी दे रहे पॉलिथीन के विरोध में सन्देश

अस्पताल में भर्ती मानसिक रोगी जो धीरे धीरे ठीक हो रहे है अस्पताल में पुराने अखबार और कागज की रद्दी से थैले बनाकर अस्पताल के मेडिकल स्टोर में सप्लाई कर रहे हैं।
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बरेली

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Amit Sharma

Jul 08, 2018

mental hospital

मोटिवेशनल: मानसिक रोगी दे रहे पॉलिथीन के विरोध में सन्देश

बरेली। उत्तर प्रदेश में 15 जुलाई के बाद पॉलिथीन पर प्रतिबंध लग जाएगा इसके पहले भी सरकार एवं तमाम पर्यावरण प्रेमी संस्थाएं पॉलिथीन का प्रयोग न करने का संदेश देती रहीं हैं लेकिन पॉलिथीन का प्रयोग जारी है इन सबके बीच मानसिक अस्पताल में भर्ती मानसिक रोगियों ने पॉलिथीन के खिलाफ अच्छा संदेश देकर यह जता दिया है कि वो भी समाज की मुख्य धारा से दूर नहीं है। अस्पताल में भर्ती मानसिक रोगी जो धीरे धीरे ठीक हो रहे है अस्पताल में पुराने अखबार और कागज की रद्दी से थैले बनाकर अस्पताल के मेडिकल स्टोर में सप्लाई कर रहे हैं और इन्हीं थैलों में रोगियों को दवाइयां दी जा रही हैं और पॉलिथीन का प्रयोग न करने का संदेश भी।

कई तरह के काम सिखाए जाते हैं अस्पताल में

इस समय मानसिक अस्पताल में कई रोगी ऐसे है जो धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं। ऐसे रोगियों को अस्पताल में ही कई तरह के काम सिखाए जाते हैं जिसमें कुर्सी बुनना, बागवानी, थैले आदि बनाने का काम शामिल है।अस्पताल की निदेशक प्रमिला गौड़ ने जो रोगी ठीक हो रहे हैं उनको कागज के थैले बनाने का काम सिखवाया और कुछ दिन की ट्रेनिंग के बाद ये रोगी कागज के थैले बनाने में माहिर हो गए। ये रोगी अस्पताल के पुराने अख़बार और रद्दी के कागज से बनाते है और ये थैले अस्पताल के मेडिकल स्टोर में दे दिए जाते है।

500 मरीज आते हैं रोज

मानसिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 के बीच मरीज आते है और इन मरीजों को अस्पताल से ही दवाइंया दी जाती हैं जिनको लेने के लिए मरीज प्लास्टिक की थैली लेकर आते थे लेकिन अब अस्पताल में ही बने थैलों में ही मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं। इससे मरीजों की परेशानी तो दूर हो ही रही है अस्पताल में भी पॉलिथीन का प्रयोग बंद हो गया है।अस्पताल की निदेशक डॉक्टर प्रमिला गौड़ ने बताया कि मानसिक मंदित लोगों से थैले बनवाने में शुरू में कुछ परेशानी आई थी लेकिन अब ये लोग पूरी तरह से ट्रेंड हो गए है और इनके बनाए हुए थैलों में ही मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं।

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