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लेखपालों का मामला पकड़ेगा तूल, जनता परेशान

लेखपाल संघ के जिला मंत्री भूषित सक्सेना का कहना है कि निलंबन की कार्रवाई से हम झुकेंगे नहीं बल्कि आंदोलन को और तेज करेंगे।
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बरेली

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Amit Sharma

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Updated: 13 Jul 2018, 6:13 PM IST

Lekhpal Protest

लेखपालों का मामला पकड़ेगा तूल, जनता परेशान

बरेली। हड़ताली लेखपालों के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है। शासन की सख्ती के चलते मण्डल के 95 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है इसके साथ ही 592 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई की जद में लेखपाल संगठन के पदाधिकारी आए हैं जिसके कारण अब ये मामला तूल पकड़ सकता है।

कहां कितने हुए निलंबित

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल करीब महीने भर से आंदोलन कर रहे थे बाद में उन्होंने कार्य बहिष्कार कर दिया जिसके कारण सरकारी काम काज ठप हो गया। इस पर सरकार ने लेखपालों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है और मण्डल भर में 95 को निलंबित कर दिया गया है। जिसमें बरेली के 24 लेखपाल निलंबित किए गए हैं और 25 को नोटिस दिया गया है। बदायूं के 25 लेखपाल निलंबित किए गए और 93 को नोटिस थमाया गया। पीलीभीत के 22 लेखपाल सस्पेंड हुए और 154 को नोटिस जारी किया गया और शाजहांपुर में 24 को निलंबित किया गया है और 320 लेखपालों को नोटिस दिया गया है।

156 को बर्खास्ती का नोटिस

बरेली में जिलाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह समेत 24 लेखपाल निलंबित किए गए जबकि आंदोलन में शामिल 156 नए लेखपालों को बर्खास्ती का नोटिस दिया गया है जिसमें सदर तहसील के छह, फरीदपुर के 24, नवाबगंज के 25, मीरगंज के 24, आंवला के 40 और बहेड़ी के 43 नए लेखपाल शामिल हैं।

जनता को परेशानी

लेखपाल और सरकार के बीच चल रहे टकराव में जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है क्योंकि लेखपालों की हड़ताल के कारण तहसील के तमाम काम ठप पड़ गए हैं। जिसके बाद प्रशासन ने अमीनों को सत्यापन कार्य और प्रमाण पत्र सम्बन्धी रिपोर्ट तैयार करने के काम में लगा दिया है।

मामला पकड़ेगा तूल

सरकार की सख्ती के बाद लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष और मंत्री समेत 24 लेखपाल एक झटके में निलंबित कर दिए गए हैं। जिससे अब ये मामला तूल पकड़ सकता है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री भूषित सक्सेना का कहना है कि हम अपनी उन्ही मांगों को उठा रहे हैं जो लंबे समय से सरकार की जानकारी में हैं।निलंबन की कार्रवाई से हम झुकेंगे नहीं बल्कि आंदोलन को और तेज करेंगे।

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