8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

03 जिले-06 विधायक : मंत्री बन सकते है एक या दो?

भाजपा की सरकार और बाड़मेर-जैसलमेर की नौ सीटों में से 06 सीट पर भाजपा आई है। बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर तीन जिले हो गए है। अब यहां से कितने मंत्री बनाए जाएंगे यह चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में प्रारंभ हो चुकी हैै।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Ratan Dave

•

Updated: 8 Dec 2023, 6:03 PM IST

03 जिले-06 विधायक : मंत्री बन सकते है एक या दो?

हमीरसिंह भायल, महंत प्रतापपुरी

बाड़मेर.
भाजपा की सरकार और बाड़मेर-जैसलमेर की नौ सीटों में से 06 सीट पर भाजपा आई है। बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर तीन जिले हो गए है। अब यहां से कितने मंत्री बनाए जाएंगे यह चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में प्रारंभ हो चुकी हैै। मंत्रालय मिलने का एक बड़ा आधार फिलहाल तीनों जिलों का बड़ा क्षेत्र और नौ सीट है। ऐसे में यहां एक-दो चेहरों की उम्मीदें पाली जाने लगी है। सरकार बनने पर जातिगत और क्षेत्रवार समीकरण ही सबसे बड़ा आधार अब तक रहा है।
हमीरसिंह भायल
15 साल से विधायक है। पिछली बार 2018 के चुनावों में भी 09 में से केवल एक ही जीते हुए है। इस बार कांग्रेस से मानवेन्द्रसिंह उनके सामने तीसरे स्थान पर रहे। बागी सुनिल परिहार को हराकर त्रिकोण संघर्ष से निकले। हमीरङ्क्षसह के पक्ष में क्षेत्र के हिसाब से गणित है लेकिन जातिगत आधार पर राज्य में किसको तवज्जो दी जाती है,इसको लेकर समीकरण बनेंगे।
महंत प्रतापपुरी- पहली बार जीते
महंत प्रतापपुुरी पोकरण से हालांकि पहली बार जीते है लेकिन संत और राष्ट्रवादी चेहरा है। जैसलमेर जिले की पोकरण सीट से 33 हजार वोटों से जीते हैै, जो बड़े अंतराल में हैै। बॉर्डर की शिव, जैसलमेर और पोकरण तीन सीटों में वे कद्दावर है। क्षेत्र का समीकरण पक्ष में है।

शेष नाम गौर करने के कारण
के. के. विश्नोई- विश्नोई समाज के प्रतिनिधि के नाते। पहले प्रदेश मंत्री भाजपा संगठन रह चुके है।
आदूराम मेघवाल- अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व। आरएसएस का चेहरा। जोगेश्वर गर्ग जालौर को नहीं बनाया जाता है तो नाम पर चर्चा।

अब तक के मंत्री
पहले मंत्री- गंगाराम चौधरी- 1967-1971
गुड़ामालानी से 1962 औैर 1967 दो लगातार चुनाव जीत चुके गंगाराम चौधरी कद्दावर विधायकों में शुमार हो गए थे। कांगे्रस में उन्हें 1967 से 1971 तक उप राजस्व मंत्री बनाया गया। जिले से मंत्री बनने वाले गंगाराम पहले व्यक्ति थे। 1972 में गुुड़ामालानी से लगातार तीसरी जीते,लेकिन मंत्रीमण्डल में शामिल नहीं किया गया। 1977 में भी गंगाराम गुुड़ामालानी चौथी बार जीते पर मंत्री नहीं बनाया।
मदनकौर- इकलौती महिला मंत्री
जनता दल से गुड़ामालानी से चुनाव लड़कर जीती मदनकौर को 30 मई 1990 से 24 नवंबर 1990 तक जनता दल सरकार में वनमंत्री बनाया गया।
1990 गंगाराम चौधरी : राजस्व
कांग्रेस में बार-बार जीतकर भी मंत्रीमण्डल में नहीं भेजने पर गंगाराम ने 1990 में जनता दल से चुनाव लड़ा जीत के बाद 1990 से 1992 तक राजस्व मंत्री रहे।
1993- मंत्री गंगाराम- राजस्व
1993 में निर्दलीय जीतकर भाजपा में शामिल हुए। राजस्व मंत्री बनाया गया।
2002-हेमाराम चौधरी- परिवार कल्याण मंत्री
हेमाराम चौधरी को पहली बार 13 मई 2002 से 8 दिसंबर 2003 तक अशोक गहलोत सरकार में मंत्री बनाया गया। कायज़्काल के अंतिम वक्त में मंत्री बने।
2003 अमराराम चौधरी पचपदरा-गृहराज्यमंत्री
2008 हेमाराम चौधरी-राजस्व मंत्री
2008 -अमीनखां-पंचायती राज राज्यमंत्री
2013- अमराराम चौधरी- राजस्व मंत्री
2018 -हरीश चौधरी राजस्व मंत्री
2022 - हेमाराम चौधरी वनमंत्री