बाड़मेर.
भाजपा की सरकार और बाड़मेर-जैसलमेर की नौ सीटों में से 06 सीट पर भाजपा आई है। बाड़मेर-बालोतरा-जैसलमेर तीन जिले हो गए है। अब यहां से कितने मंत्री बनाए जाएंगे यह चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में प्रारंभ हो चुकी हैै। मंत्रालय मिलने का एक बड़ा आधार फिलहाल तीनों जिलों का बड़ा क्षेत्र और नौ सीट है। ऐसे में यहां एक-दो चेहरों की उम्मीदें पाली जाने लगी है। सरकार बनने पर जातिगत और क्षेत्रवार समीकरण ही सबसे बड़ा आधार अब तक रहा है।
हमीरसिंह भायल
15 साल से विधायक है। पिछली बार 2018 के चुनावों में भी 09 में से केवल एक ही जीते हुए है। इस बार कांग्रेस से मानवेन्द्रसिंह उनके सामने तीसरे स्थान पर रहे। बागी सुनिल परिहार को हराकर त्रिकोण संघर्ष से निकले। हमीरङ्क्षसह के पक्ष में क्षेत्र के हिसाब से गणित है लेकिन जातिगत आधार पर राज्य में किसको तवज्जो दी जाती है,इसको लेकर समीकरण बनेंगे।
महंत प्रतापपुरी- पहली बार जीते
महंत प्रतापपुुरी पोकरण से हालांकि पहली बार जीते है लेकिन संत और राष्ट्रवादी चेहरा है। जैसलमेर जिले की पोकरण सीट से 33 हजार वोटों से जीते हैै, जो बड़े अंतराल में हैै। बॉर्डर की शिव, जैसलमेर और पोकरण तीन सीटों में वे कद्दावर है। क्षेत्र का समीकरण पक्ष में है।