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बेरोजगारी भत्ता दिलाने की एवज में रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार, जानिए पूरी खबर

- बेरोजगारी भत्ता दिलाने की एवज मांगी थी रिश्वत, बाबू ने परिवादी से अब तक लिए चार हजार
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बाड़मेर

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bhawani singh

•

Updated: 23 Jun 2021, 7:44 PM IST

Barmer acb news

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बाड़मेर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बेरोजगार युवक से एक हजार रुपए रिश्वत लेते रोजगार कार्यालय के कनिष्ठ सहायक को गिरफ्तार किया। बेरोजगारी भत्ता दिलाने की एवज में कनिष्ठ सहायक ने रिश्वत ली थी। आरोपी रिश्वत लेने से पहले परिवादी के साथ साथी की कार लेकर पुलिस लाइन रोड़ पहुंचा, जहां शराब की पार्टी की।


ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामनिवास सुण्डा ने बताया कि नेमाराम पुत्र गोरखाराम निवासी लीलसर की शिकायत पर रोजगार कार्यालय के कनिष्ठ सहायक सुधीर वर्मा पुत्र शिवचंद निवासी नवलगढ़ झुंझूनू को एक हजार रुपए रिश्वत लेने पर रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामले की जांच पड़ताल जारी है। परिवादी नेमाराम ने मार्च 2021 में बेरोजगारी भत्ता स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके बाद जब रोजगार कार्यालय गया तो वहां पर बाबू सुधीर वर्मा ने बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत करवाने के लिए तीन रुपए की रिश्वत मांगी। उस समय एक हजार रुपए लिए। और कहा कि तेरे काम करवा दूंगा। उसके बाद आरोपी अपने गांव नवलगढ़ चला गया। कॉल पर कहा कि तेरा काम करवा दिया है। अब मुझे तीन हजार रुपए और देने है। और धमकी देते हुए कहा कि अगर नहीं दिए तो फॉर्म रद्द करवा दूंगा। तब परिवादी ने एसीबी में शिकायत की। एसीबी ने सत्यापन करवाया तो आरोपी ने फोन पे के जरिए दो हजार रुपए प्राप्त किए और हजार रुपए कार्यालय में देने की बात कहीं।


परिवादी एक हजार रुपए रिश्वत राशि लेकर रोजगार कार्यालय पहुंचा। जहां एसीबी की टीम निगरानी कर रही थी। आरोपी ने परिवादी से हजार रुपए लिए और उसको कार में बिठाकर पुलिस रोड़ पर स्थित शराब ठेके पहुंचा। जहां पर शराब खरीदी, और कार में शराब पार्टी कर कलेक्ट्रेट की तरफ लौट रहा था। उस दौरान एसीबी की टीम आरोपी का पीछा कर रही थी। गोपनीय इशारा मिलते ही आरोपी को दबोच लिया। उसकी शर्ट की बायीं जेब में रखी एक हजार रुपए रिश्वत राशि बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। कार्यवाही टीम में स्वतंत्र गवाह भवानीसिंह, पारसमल, टीम के कांस्टेबल मिश्रीमल, चम्पालाल, रघुवीरसिंह, सुराबखान व अनूपसिंह भाटी शामिल रहे।