दसवीं बोर्ड में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोनड़ी की छात्रा प्रतिभाराज ने 98.33 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने नाम के अनुरूप गुण को गौरवान्वित किया। परिणाम आया तो कोटा में नीट की तैयारी कर रही प्रतिभा ने कहा कि सफलता का मूलमंत्र पढ़ाई है । पढ़ाई कितनी करनी है यह सवाल ही नहीं है। पढाई ही करनी है। लगातार और नियमित। चिकित्सक बनने का सपना देखने वाली प्रतिभा अपनी प्रेरणा पिता मंगलाराम को मानती है । व्याख्याता पिता को अपनी बेटी की उपलब्धि पर नाज है। वे कहते है कि बेटियों का आज है, यह प्रतिभा ने साबित किया। साधारण परिवार की प्रतिभा की असाधारण प्रतिभा को पहचानकर ही परिजनों ने उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया।