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बाड़मेर में दर्दनाक हादसा: डिग्गी में डूबने से 2 बच्चों की मौत, जलभराव में फंसे 20 से ज्यादा लोगों को बचाया गया

बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में डिग्गी में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, सेड़वा उपखंड में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति बनी है। जहां एसडीआरएफ, आर्मी और ग्रामीणों ने अभियान चलाकर 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
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बाड़मेर

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Arvind Rao

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Updated: 9 Sep 2025, 11:50 AM IST

Barmer News

दो बच्चों की मौत (फोटो- पत्रिका)

बाड़मेर: धनाऊ थाना क्षेत्र के पावड़ों का तला में सोमवार दोपहर खेत में बनी डिग्गी में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों के शव बाहर निकाले।

धनाऊ थाना पुलिस के अनुसार, पावड़ों का तला में खेत में बनी डिग्गी में बरसाती पानी एकत्रित हो गया था। दोपहर के समय खेलते समय दो बच्चे नहाने के लिए डिग्गी में उतर गए। दिलीप (13) पुत्र मोहनलाल, भागीरथ (17) पुत्र केसाराम की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव सीएचसी धनाऊ की मोर्चरी में रखवाएं। जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया। भागीरथ का पावड़ों का तला में ननिहाल है, वह यहीं रहकर पढ़ाई कर रहा था।

डिग्गी की गहराई ज्यादा


प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खेत में ट्यूबवेल करवा रखा है। पानी एकत्रित करने के लिए यहां गहराई में डिग्गी का निर्माण करवाया हुआ है। बारिश ज्यादा होने पर यह डिग्गी पानी से भर गई थी, खेलते समय दोनों बच्चे डिग्गी में डूब गए। पानी ज्यादा होने पर दोनों बाहर नहीं निकल पाए।


जलभराव से 20 से ज्यादा लोगों को किया रेस्क्यू


सीमांत उपखंड सेड़वा में लगातार बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने ऐहतियाती तौर पर जालौर-बाड़मेर के सीमावर्ती राजस्व गांव बावतलाई और नवापुरा खरड़ क्षेत्र में जलभराव की स्थिति के कारण खेतों में अस्थायी तौर पर बसे लोगों को रविवार को उनके घरों के लिए रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत नवापुरा के राजस्व गांव दासोरिया में तेज बारिश के कारण लूणी नदी के बहाव के चलते जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।


अपने खेतों में टीबों पर अस्थायी रूप से निवासरत दासोरिया गांव के तीन परिवार के लोगों को रविवार को एसडीआरएफ, आर्मी और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू कर उनके घर पहुंचाया। रात 8 बजे भागीरथ विश्नोई हेड कांस्टेबल सहित 9 सदस्यीय एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।


रात 9 से 12 बजे तक ड्रैगन लाइट की रोशनी में 3 घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दस लोगों को टीबे से नीचे उतारकर सुरक्षित घर पहुंचाया। इस पूर्व रविवार दोपहर को 56 मराठा लाइट इंफेंट्री और द्वितीय लांचर आर्मी के जवानों द्वारा दो दर्जन लोगों को रेस्क्यू किया गया।