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कोविड संक्रमण में कमी तो वैक्सीन सेंटर से लोग बना रहे दूरी

-सेंटर सूने, वैक्सीन के लिए आने वाले कम-दूसरी डोज का 84 दिन का पीरियड काफी लम्बा-वैक्सीन का स्टॉक अब फुल, लोग कम
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 28 Nov 2021, 9:21 PM IST

कोविड संक्रमण में कमी तो वैक्सीन सेंटर से लोग बना रहे दूरी

कोविड संक्रमण में कमी तो वैक्सीन सेंटर से लोग बना रहे दूरी

बाड़मेर. कोविड-19 संक्रमण में कमी आने के बाद बीच अब वैक्सीनेशन की गति भी धीमी हो गई है। सेंटर तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी काफी कम हो रही है। इसके कारण कई सेंटर सूने दिख रहे हैं। वहीं घरों तक जाकर वैक्सीनेशन करने वालों के सामने कई तरह की समस्याएं आने के साथ डोज पूरे नहीं होने पर वायल खराब होने का भी खतरा रहता है। ऐसे में नवम्बर महीने में डोज की स्पीड काफी धीमी हो गई है। दूसरी डोज लगाने वाले पहली के मुकाबले आधे ही पूरे हुए हैं।
वैक्सीनेशन की स्पीड कम होने का असर यह हो रहा है कि जो टारगेट तय समय में पूरा होना था, उसका अब तक 80 फीसदी ही रास्ता जिला तय कर पाया है। विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि लोग सेंटर तक काफी कम आ रहे हैं। इसमें भी दूसरी डोज वाले अधिक लोग है, जिनके सुरक्षा चक्र पूरा नहीं करने पर टारगेट प्रभावित हो रहा है।
लक्ष्य प्राप्ति के लिए भेजा ढाणियों तक
वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांवों के साथ ढाणियों तक पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां पर ढाणियां दूर-दूर है। ऐसे में कोविशील्ड की 10 डोज की वायल को निर्धारित चार घंटों में खत्म करना होता है। लेकिन यह अधिकांश मामलों में संभव नहीं होने पर डोज खराब होने का भी खतरा बढ़ा है। वहीं कोवैक्सीन में यह और भी बढ़ जाता है। क्योंकि इसमें कुल 20 डोज आती है। इसे भी निर्धारित समय में 20 लोगों को लगाना स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए चुनौती बना हुआ है।
पहले इंतजार, अब आपूर्ति एडवांस
वैक्सीनेशन के लिए भीड़ उमडऩे के दौरान वैक्सीन का भी कई बार विभाग को इंतजार करना पड़ता था। कई बार तो सेंटर तक कम करने पड़े थे। अब विभाग के पास वैक्सीन का फुल स्टॉक है। गुुरुवार को ही स्वास्थ्य विभाग को 1 लाख डोज मिली है। लेकिन अब स्थिति उलट हो गई है कि वैक्सीन खूब आ रही है लेकिन डोज लेने वाले कम है।
यह बड़ी समस्या
कोविशील्ड की दूसरी डोज 84 दिन के बाद लग रही है। जानकारों का मानना है कि यह पीरियड काफी लम्बा है। इसके कारण कई लोग दूसरी डोज का तय समय भूल जाते हैं और अधिक समय निकल जाने पर फिर लेते ही नहीं है। जबकि 28 दिन का पीरियड था तो लोगों को याद भी रहता था। इसके कारण भी दूसरी डोज लेने वाले कम हो रहे हैं।
पिछले 35 दिनों में लगी 52 हजार का लगी सिंगल डोज
स्पीड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 35 दिनों में जिले में सिंगल डोज का आंकड़ा बढ़कर 26 नवम्बर को 14,87,686 पर पहुंच गया। जबकि 19 अक्टूबर को सिंगल डोज लगने वाले लोगों की संख्या 14,35,535 हो गई। हालांकि इस दौरान दिवाली व त्योहार भी रहे। फिर भी नवम्बर में गति धीमी हो गई। जानकारों का मानना है कि कोविड का असर कम हो जाने के कारण लोगों ने वैक्सीनेशन सेंटर से दूरी बना ली है।
वैक्सीनेशन में गति कुछ धीमी हुई है। लेकिन हम अपने टारगेट के अनुसार चल रहे हैं। अब तक सिंगल डोज में लक्ष्य का 75 फीसदी तय कर चुके हैं। कार्यकर्ता ढाणियों तक पहुंचकर लोगों का वैक्सीनेशन कर रहे हैं। यह काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन सभी पूरे जज्बे से जुटे हुए हैं।
डॉ. प्रीत मोहिन्दरसिंह, आरसीएचओ बाड़मेर
बाड़मेर: अब तक वैक्सीनेशन
14,87,686 : सिंगल डोज
7,18,997 : दोनों खुराक
22,06,683 : कुल डोज
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आयु वर्ग वैक्सीनेशन
18-44 : 12,50,638
45-60 : 5,37,242
60 से अधिक : 4,18,803
(आंकड़े 26 नवम्बर शाम 5 बजे तक अपडेट)