8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जीवन में व्यवहार ही काम आता है, सभी को साथ लेकर चलना चाहिए

-किसान छात्रावास में वन व पर्यावरण मंत्री का अभिनंदन-महापुरुषों की प्रेरणा से मिलती है कामयाबी
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Mahendra Trivedi

•

Updated: 28 Nov 2021, 9:13 PM IST

जीवन में व्यवहार ही काम आता है, सभी को साथ लेकर चलना चाहिए

जीवन में व्यवहार ही काम आता है, सभी को साथ लेकर चलना चाहिए

बाड़मेर. शहर के किसान छात्रावास में वन व पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी का अभिनंदन किया गया। मंत्री बनने के बाद पहली बार बाड़मेर आगमन पर उनका स्वागत हुआ।
इस अवसर पर मंत्री चौधरी ने कहा कि लोगों की दुआओं से यह मान सम्मान पद प्राप्त हुआ है, जो दायित्व दिया गया है उसे पूरी तरह से निभाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि प्रेरणा प्रतिद्वंदी से भी मिल सकती है, चुनाव जीतने के बाद किसी का नुकसान करने का किसी को अधिकार नहीं है। चौधरी रामदान ने उस जमाने में शिक्षा की जो अलख जगाई, प्रेरणादाई है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की प्रेरणा से कामयाब होने की कोशिश करूंगा। वन विभाग की जमीन के अवैध कब्जों को हटाने का प्रयास रहेगा। वन एवं पर्यावरण विभाग जनता से जुड़ा हुआ है। पर्यावरण प्रदूषण से मानव पर संकट आ गया है तो विकास क्या काम आएगा। जिम्मेदारी समझनी होगी, जीवन में व्यवहार ही काम आता है सभी को साथ लेकर चलना चाहिए।
आगे बढऩे का माध्यम शिक्षा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी ने कहा की आगे बढऩे का एकमात्र माध्यम शिक्षा है। उन्होंने छात्रों से नियमित पढऩे का आह्वान किया। इस दौरान महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व कुलपति डॉ. गंगाराम जाखड़, पायला कलां प्रधान चुन्नीलाल माचरा, किसान छात्रावास संरक्षक डॉ. गणपत स्वरूप चौधरी, शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बनाराम चौधरी, पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल, कैलाश बेनीवाल, किसान छात्रावास अध्यक्ष बलवंत सिंह चौधरी, सचिव डालूराम चौधरी व सोहन लाल भांभू ने भी समारोह को संबोधित किया।
कार्यक्रम में कमांडेड जोर सिंह सऊ , शिव प्रधान महेंद्र जाणी, बाड़मेर ग्रामीण प्रधान जेठी देवी, जवाहरलाल माहेश्वरी, नरसिंह सोलंकी, सोनाराम के जाट, अमृत कौर, सुनीता चौधरी, पोकरराम सऊ आदि उपस्थित रहे। प्रोफेसर पीआर चौधरी ने आभार तथा संचालन जसवंत सिंह मायला ने किया।