8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरटीपीसीआर जांच में कालाबाजारी, चिकित्साकर्मियों की मिलीभगत!

- निर्धारित दर से ज्यादा वसूली पर कार्रवाई, जिला प्रशासन की टीम ने किया डिकॉय ऑपरेशन, निर्धारित दर 350, लैब संचालक वसूल रहा था 1500 रुपए
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

bhawani singh

•

Updated: 25 Apr 2021, 7:09 PM IST

Barmer news

Barmer news

बाड़मेर. कोरोना की विश्वसनीय जांच आरटी-पीसीआर की निर्धारित दर से ज्यादा वसूली करने का मामला जिला प्रशासन के डिकॉय ऑपरेशन में सामने आया है। जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार शाम डिकॉय ऑपरेशन कर नेहरु नगर स्थित हिमालया लैब पर कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां लैब संचालक के पास वैध लाईसेंस भी नहीं मिला। प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम देकर लैब संचालक के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया।


जिला प्रशासन की कार्रवाई अनुसार नेहरु नगर स्थित हिमालया लैब पर आरटी-पीसीआर जांच पर निर्धारित दर से ज्यादा वसूली की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की टीम ने डिकॉय ऑपरेशन के तहत एक मरीज को भेजा। जहां लैब संचालक ने निर्धारित दर 350 की जगह 1 हजार 500 रुपए वसूल लिए। इसके तत्काल बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विश्रोई, जिला परिषद सीईओ मोहनदान रतनु व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाबूलाल विश्रोई पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज व लैब की जांच की गई। जहां हिमालया लैब संचालक के पास कोई वैध लाईसेंस भी नहीं मिला। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने हिमालया लैब संचालक के खिलाफ माहमारी अधिनियम व क्नीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।


मौके से भाग छुटे कर्मचारी
कार्यवाही फर्द रिपोर्ट के मुताबिक हिमालया लैब प्रतिनिधि अर्जुनराम ने बताया कि हमारी लैब पर हरीश गोदारा भूरटिया व जोगेन्द्र सहारण की ओर से कृष्णा डायग्रोस्टिक सेंटर के लिए आरटी-पीसीआर के नमूने लेने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें नाम पूछने पर मौके से भाग गए। जबकि हरीश गोदारा जिला अस्पताल की पीपीपी मोड पर संचालित लैब पर कार्य कर रहा है। वहीं जोगेन्द्र सहारण जिला अस्पताल की इकाई में कार्यरत है। जो वर्तमान में कोविड-19 वार्ड में तैनात है।


हिमालया के पास नहीं लाईसेंस
हिमालया लैब के पास लैब संचालन का लाईसेंस भी नहीं है। ऐसी स्थिति में संभवत: प्रशासनिक अधिकारियों को अंदेशा है कि सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से लैंब का संचालन हो रहा है। साथ ही आरटी-पीसीआर जांच को लेकर भी संदेह है। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


- हमारा कर्मचारी है
जोगेन्द्र सहारण जिला अस्पताल में कार्यरत है। कृष्णा डायग्रोस्टिक सेंटर भी जिला अस्पताल की ईकाई में पीपीपी मोड पर संचालित हो रहा है। यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। कल पता करवाते है। - बीएल मंसूरिया, पीएमओ, जिला अस्पताल,