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पशुपालक करें कोरोना गाइड लाइन की पालना

- पशुधन की देखभाल को लेकर दिए सुझाव
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 30 Apr 2021, 12:35 AM IST

पशुपालक करें कोरोना गाइड लाइन की पालना

पशुपालक करें कोरोना गाइड लाइन की पालना

बाड़मेर. कोरोना संकट के बीच पशुपालकों को पशुधन की देखभाल के दौरान कोरोना गाइड लाइन की पालना करने सहित अन्य सावधानियां की जानकारी कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी दी है।

केन्द्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि बाड़मेर जिला पशु बाहुल्य है, ऐसे में जिले के पशुपालकों को पशुओं के प्रबंधन और उपज के विपणन के दौरान सामान्य सावधानियां और सुरक्षात्मक उपाय रखने चाहिए। हरे चारे की एक क्यारी में कटाई करते समय आपस में कम से कम 5 से 6 फीट की दूरी बनाने के साथ पशुपालक मास्क का उपयोग अवश्य करें। उचित अंतराल पर अपने हाथ साबुन से धोते रहें।

पशुओं को संभालने, दूध पिलाने, दूध क्रय-विक्रय करने के दौरान दूरी बनाए रखें। खेत में उचित हद तक और जांच के बाद ही स्वस्थ पशुधन श्रमिकों को कार्य में सलग्न करें। पगरिया ने बताया कि सभी मशीनों और बर्तनों को नियमित अंतराल पर साफ करते रहें। सभी परिवहन वाहनों, टाट की बोरियों को साफ किया जाना चाहिए। दूध की बिक्री के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखें। खेत में कार्य करने के समय गर्मी का विशेष ध्यान रखते हुए खूब पानी पिएं, डेरी और पोल्ट्री फार्म के संचालन को पूरा करने के बाद कपड़े अवश्य धोएं। दूषित होने से बचने के लिए बार-बार आंखों नाक और मुंह से छूने से बचें। किसान संक्रमण से बचाव के लिए 1

प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट से नियमित अंतराल से पशु और मुर्गियों के आवास को साफ करें। पशुओं की उत्पादकता बनाए रखने के लिए व्यस्क दुधारू और गर्भवती गायों को 50 से 100 ग्राम प्रतिदिन प्रति गाय पूरक आहार के रूप में दें।

पशुओं को खुर पका, मुंह पका रोग के टीके लगवाएं।पशुओं को दिन में 4 से 5 बार पीने का ताजा पानी पिलाएं। पशुओं को चारा सुबह-शाम ठंडे मौसम में खिलाएं,साथ ही पशु आहार में खनिज लवण की आपूर्ति करें।