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रात से सुबह तक पुलिस की परेड, लूट की कहानी निकली झूठी

- खुद को पीडि़त बताने वाला निकला मास्टरमाइंड , सट्टे के कारण कर्ज में डूबने पर रची लूट की झूठी कहानी  
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 6 Sep 2023, 10:46 PM IST

रात से सुबह तक पुलिस की परेड, लूट की कहानी निकली झूठी

रात से सुबह तक पुलिस की परेड, लूट की कहानी निकली झूठी

बाड़मेर पुलिस की स्पेशल टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई लूट की वारदात का पर्दाफाश 24 घंटे के भीतर कर दिया। लूट की कहानी झूठी निकली। पुलिस की पूछताछ और पड़ताल में खुद को पीडि़त बताने वाला ही कहानी का मास्टरमाइंड निकला है। मामले में पुलिस की परेड हुई। अधिकारी और पुलिस जवान मामले को लेकर लगातार पड़ताल में जुटे रहे, तब खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी सवाईलाल पुत्र पारसमल सोनी निवासी बेरियों का वास बाड़मेर हाल डांगरी पुलिस थाना सांगड़ जिला जैसलमेर ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि डांगरी गांव से रवाना हुआ तब उसके पास मोबाइल, एक बैग जिसमें बीस हजार रुपए और 500 ग्राम चांदी थी। इसके बाद शाम को शिव से बाड़मेर के लिए बस से रवाना हुआ। इस दौरान नींद आ जाने और आरटीओ कार्यालय के पास उतरने की बजाय पुल पर बस पहुंचने पर नींद खुली तो बीएनसी पुलिया पर उतर गया। वहां से बालाजी हॉस्पिटल की तरफ पैदल रवाना हुआ आगे कट के पास पहुंचने पर 4 अज्ञात युवक उसके पीछे भागे तो वह डिवाइडर फांदकर बीएनसी पुलिया की तरफ भागने लगा। इस बीच पीछे आ रहे युवकों ने उसे पकड़ लिया और मोबाइल तथा बैग छीन लिया। धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की और बैग फेंककर भाग गए। इसके बाद एक बाइक चालक को रोककर उसके मोबाइल से अपने भाई को सूचना दी। इस दौरान बीएसएफ रोड पर उसका भाई लेने आ गया और अस्पताल ले जाकर उपचार शुरू करवाया। रिपोर्ट में बताया कि उसने बैग चैक किया तो रुपए व चांदी गायब मिली। जो चार युवक अपने साथ ले गए। कोतवाली ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

सीसीटीवी और पूछताछ में सच्चाई आई सामने

वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने विभिन्न पुलिस थानों की टीमों, डीएसटी व डीसीआरबी टीम बाड़मेर की स्पेशल टीम का गठन कर पड़ताल के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए सीसीटीवी फुटेज, आसूचना संकलन एंव परिवादी से मनौवेज्ञानिक तरीके से गहन पूछताछ करने पर झूठ से पर्दा हटा और सच्चाई सामने आई। परिवादी ने कर्ज में डूबने के कारण खुद के साथ लूट की कहानी रची थी। जिसका पुलिस टीमों ने पर्दाफाश कर दिया।

ऑनलाइन गेम में लगाया था पैसा

पूछताछ में सामने आया कि परिवादी ने ऑनलाइन गेम में पैसा लगाया था। लालच में आकर फिर अधिक राशि लगा दी और अपने पास रखी चांदी गिरवी रखकर पैसे उधार लेकर फिर से गेम में लगा दिए। पैसा गेम्स में चले जाने से परिवादी डर गया और झूठी कहानी बनाई। बाड़मेर घर आते समय इन्दिरा गांधी सर्किल के पास किसी से फोन मांगकर अपने भाई को झूठी कहानी सुना दी तथा बेहोशी का नाटक किया।

स्पेशल टीम में 22 अधिकारी और जवान शामिल

लूट के मामले की झूठी कहानी का पर्दाफाश करने वाली टीम में वृत्ताधिकारी बाड़मेर आनन्दसिंह राजपुरोहित, कोतवाली थानाधिकारी गंगाराम खावा, सदर थानाधिकारी किशनसिंह सहित स्पेशल टीम में कुल 22 अधिकारी व पुलिसकर्मी शामिल रहे।