वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने विभिन्न पुलिस थानों की टीमों, डीएसटी व डीसीआरबी टीम बाड़मेर की स्पेशल टीम का गठन कर पड़ताल के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए सीसीटीवी फुटेज, आसूचना संकलन एंव परिवादी से मनौवेज्ञानिक तरीके से गहन पूछताछ करने पर झूठ से पर्दा हटा और सच्चाई सामने आई। परिवादी ने कर्ज में डूबने के कारण खुद के साथ लूट की कहानी रची थी। जिसका पुलिस टीमों ने पर्दाफाश कर दिया।