बाड़मेर. प्रदेश के करीब साढ़े चार हजार और जोधपुर मंडल के ३०३ अध्यापक पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। अमूमन हर साल जून-जुलाई में डीपीसी होती है, जिसके बाद तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी शिक्षक बनने का रास्ता साफ होता है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते डीपीसी दिसम्बर में हुई है। इसके बाद ना तो वरीयता सूची जारी हुई है और ना ही काउंसलिंग का पता है।