कई विद्यालयों में यहीं िस्थति- जिले का उदाहरण दे तो राउमावि बांकाणा तला, ब्लॉक चौहटन में साढ़े तीन सौ का नामांकन है और पढ़ाने वाले शिक्षक तृतीय श्रेणी के दो व वरिष्ठ अध्यापक तीन ही है। राउमावि कड़वासरो की ढाणी,ब्लॉक बाड़मेर में 224 विद्यार्थियों को दो वरिष्ठ अध्यापक व दो तृतीय श्रेणी शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं। कमोबेश यही िस्थति राउमावि धोली नाड़ी,ब्लॉक गुड़ामालानी, राउमावि बोली, ब्लॉक फागलिया, राउमावि ख़बडाला, ब्लॉक गडरारोड, राउमावि भैरूड़ी , ब्लॉक सेड़वा की है, जहां पद रिक्तता की िस्थति और अधिक नामांकन पर शिक्षण व्यवस्था बेपटरी नजर आती है।व्याख्याताओं के पद हो स्वीकृत-अतिशीघ्र इन क्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद स्वीकृत किए जाने चाहिए। साथ ही पिछले दो सत्रों से वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता डीपीसी भी बकाया चल रही है। यदि समय पर दो सत्रों की डीपीसी की जाती है तो क्रमोन्नत विद्यालयों के विद्यार्थियों को व्याख्याता मिलने से इनकी पढ़ाई सुचारू हो सकेगी।-- बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा