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प्रवासियों के लिए कोरोना जांच का व्यय यात्रा टिकट से भारी

प्रवासी मांगे छूट, विधायक-सांसदों से पैरवी : मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, राज्य सरकारें करे आपसी समन्वय
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 31 Mar 2021, 10:18 PM IST

प्रवासियों के लिए कोरोना जांच का व्यय यात्रा टिकट से भारी

प्रवासियों के लिए कोरोना जांच का व्यय यात्रा टिकट से भारी,प्रवासियों के लिए कोरोना जांच का व्यय यात्रा टिकट से भारी

बाड़मेर . राज्य सरकार ने प्रवासियों के लिए कोविड जांच को अनिवार्य तो कर दिया लेकिन यह जांच 1400 से 2000 रुपए तक प्रति व्यक्ति होने से प्रवासी अव्वल तो होली पर भी घर आने का मानस छोड़ कर नहीं लौटे और जो लौटे है उन्होंने परिवार सहित आने के 8 से 10 हजार खर्च हो रहे है। प्रवासियों की मांग है कि कोविड टेस्ट की यह राशि राज्य सरकार वहन करे।
केरल के त्रिवेन्द्रम और कोच्चि में बसे प्रवासियों के लिए इन दिनों यह बड़ा मुद्दा बना हुआ है। प्रवासी राजस्थानी संघ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिखकर भी अवगत करवाया है लेकिन अभी कार्यवाही नहीं हुई है। जैसलमेर के जोनरा के प्रेमङ्क्षसह कहते है कि उनके परिवार के सात सदस्यों को होली पर गांव जाने का मन था लेकिन इसके लिए कोरोना जांच की अनिवार्यता के चलते परिवार ने इसको निरस्त कर दिया कि पहले जांच और उसके बाद यात्रा और लौटते वक्त फिर वही जांच। यहां से टिकट 1500 रुपए में बन रहा है और जांच के 2000 रुपए के करीब प्रतिव्यक्ति लग रहे है यह ठीक नहीं है।
चुनावी रैलियों में हजारों लोगों की भीड़ जमा है। इन लोगों के लिए कोरोना की पाबंद नहीं है लेकिन जब बात प्रवासियों पर आती है तो फिर उनको इस तरह रोकना गलत है। सरकार अपनी तरफ से इसकी छूट दे कि कोरोना टेस्ट फ्री हो जाएगा। -शंकरनाथ गोस्वामी

राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों को कार्ड जारी करवा दें या अन्य राज्यों के निवासियों के लिए आपस में समझौता कर दें तो हर राज्य के प्रवासी को इसमें छूट मिल जाएगी।
- प्रभुदान देवीकोट, त्रिवेन्द्रम
प्रवासियों की संख्या संपूर्ण केरल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में है। इनके लिए एक संयुक्त समझौता राज्य सरकार स्तर पर होना चाहिए। वोट लेने के वक्त तो प्रत्याशी कॉल और वाहनों का प्रबंध तक करते है तो अब इस संकट में सभी दबाव क्यों नहीं बनाते है?
- विशन सिंह भुरटिया, कोच्चि
ारी-बीमारी और परिवार के आकस्मिक काम पर फ्लाइट से भी रवाना होना पड़ता है। इस दौरान जांच को लेकर अनिवार्यता परेशान कर रही है। यह जांच राजस्थान आकर की जाए या फिर यहां नि:शुल्क कर दें। -प्रेम सिंह जोनरा, कोच्चि
होली से लेकर शीतला सप्तमी तक त्यौहार होते है। इस बार आने का मानस था लेकिन अब अप्रेल में आएंगे। कोरोना की यह पाबंदिया होने से परेशानी है। जांच नि:शुल्क की जाए।
- तेजराज खत्री, कोच्चि