सोनू वडेरा, डॉ. रणजीतमल जैन, ज्ञान वाटिका के बच्चों, रमेश मालू कानासर, शिल्पा श्रीश्रीमाल, मेवाराम मालू मालाणी आदि वक्ताओं ने आचार्य के संयम जीवन पर प्रकाश डाला । साध्वी अमितगुणा ने कहा कि आचार्य मणिप्रभ सूरीश्वर सरलता के धनी है। साध्वी नितिप्रज्ञा ने कहा कि मेरा संयम जीवन की प्रेरणा बहन डॉ विद्युतप्रभा है। साध्वी श्रेयनंदिता ने कहा कि गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर व असभ्य से सभ्य की ओर ले जाते हैं। संचालन केएमपी की कोषाध्यक्षा सोनू वडेरा ने किया।