बाड़मेर मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध राजकीय जिला अस्पताल में कैथ लैब की सुविधा के अभाव में कई हृदय रोगियों की जिंदगी की सांसें टूट जाती है। अस्पताल आने वाले सीवियर हार्ट अटैक के रोगी को तुरंत ऑपरेशन की जरूरत होती है। लेकिन अस्पताल में कैथ लैब नहीं होने से यहां से रैफर करना पड़ता है। ऐसे में कई मरीज बीच रास्ते में ही अपनी जान गंवा देते है। हृदय रोग के बढ़ते मामलों के चलते गंभीर हार्ट अटैक से पीडि़त करीब 5-7 रोगी रोजाना जिला अस्पताल पहुंचते है। जिनको रैफर करने के अलावा कॉर्डियोलॉजी विभाग के पास कोई विकल्प नहीं है।