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आधार न जनआधार का प्रमाणीकरण कैसे होंगे छात्रवृत्ति के पात्र

अभिभावकों, बच्चों व शिक्षको को परेशानी हो रही
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 10 Oct 2022, 11:16 PM IST

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बाड़मेर . राज्य सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं तो कई बना दी गई हैं, लेकिन इनके नियमों की पालना करने में अभिभावकों, बच्चों व शिक्षको को परेशानी हो रही है। ऐसे में पात्र होने के बावजूद भी अधिकतर बच्चे छात्रवृत्ति योजना से नहीं जुड़ पा रहे हैं। ताजा मामला पूर्व मैट्रिक व उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति का है, जिसमें आधार व जनाधार में विद्यार्थियों के नाम, जन्म तिथि, पिता व माता के नाम आदि प्रमाणीकरण नहीं होने से आवेदन अपडेट नहीं हो रहे। िस्थिति यह है कि पात्र विद्यार्थियों में से 70 फीसदी के आधार व 60 फीसदी के जनाधार प्रमाणीकरण नहीं हुए हैं, जिससे अब तक वे छात्रवृत्ति की पात्रता से वंचित हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है।

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सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को योजना का लाभ लेने के लिए विद्यालय अभिलेख व शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज नाम, माता, पिता के नाम व जन्मतिथि आदि का जनाधार व आधार से मिलान कर आधार व जनाधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर रखा है, लेकिन शिक्षकों को अपडेशन में समस्या पेश आ रही है, इस कारण विद्यार्थियों के आधार व जनाधार प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहे हैं। अधिकतर विद्यार्थियों के आधार, जनाधार व विद्यालय अभिलेख व शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज नाम, माता- पिता के नाम की स्पेलिंग में अंतर आ रहा है। कुछ विद्यार्थियों की जन्मतिथि भी जनाधार व शाला दर्पण पर अलग-अलग आ रही है। इस कारण ऐसे भिन्न नामों के कारण प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है।

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साठ लाख बच्चों का नहीं प्रमाणीकरण

गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में करीब 94 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं जिसमें अब तक 35 लाख विद्यार्थियों के ही जनाधार प्रमाणीकरण हो पाए हैं। हालांकि इनमें से पूर्व मैट्रिक व उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित कम हैं, लेकिन हर विद्यार्थी के लिए प्रमाणीकरण की समस्या पेश आ रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व विशेष पिछड़ा आदि के छात्रों को पूर्व मैट्रिक छठीं से आठवीं व उत्तर मैट्रिक ग्यारहवीं व बारहवीं में छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मिलता है, लेकिन आधार व जनाधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता के चलते जनाधार प्रमाणीकरण नहीं होने वाले लाखों विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।

अद्यतन करने की सुविधा

शिक्षा विभाग ने विद्यालय के शाला दर्पण व जनाधार रिकॉर्ड में भिन्नता वाले विद्यार्थियों के जनाधार में संशोधन व अद्यतन करने की सुविधा भी शुरू की है। इसके माध्यम से कक्षाध्यापक की स्टाफ लॉगिन से विद्यार्थियों के नाम व जन्मतिथि शाला दर्पण व जनाधार से मिलान कर प्रमाणीकरण करना है, लेकिन जिन विद्यार्थियों के नाम व जन्मतिथि में भिन्नता पाई जाती है, ऐसे विद्यार्थियों के जनाधार अद्यतन के लिए अभिभावक की सहमति लेकर कक्षाध्यापक की ओर से शाला दर्पण के माध्यम से जनाधार पोर्टल पर टीएनआर जनरेट किया जाता है। फिर जनाधार पोर्टल पर टीएनआर जनरेट होने के 24 से 48 घण्टे में संशोधन कर के जनाधार अद्यतन करने की व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में जनाधार पोर्टल पर टीएनआर जनरेट होने के कई दिन बाद भी जनाधार अद्यतन नहीं हो रहा है। इस वजह से जनाधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। हालांकि ऑनलाइन पोर्टल पर चौबीस से अड़तालीस घंटे में अपडेशन का मैसेज आ रहा है, लेकिन कई दिनों बाद भी अपडेशन नहीं हो रहा है।

समस्या का समाधान होगा

इस समस्या का समाधान हो जाएगा। हमने उच्च स्तर पर इसकी सूचना दे दी है। जल्द ही अपडेशन होकर प्रमाणीकरण होने की उम्मीद है। - जेतमालसिंह राठौड़, एडीईओ माध्यमिक बाड़मेर