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जिले में शिक्षकों के सैकड़ों पर खाली, कैसे हो पढ़ाई

- पदरिक्तता के चलते शिक्षण स्तर में नहीं हो रहा सुधार, कई जगह एक कक्षाकक्ष में दो कक्षाएं पढ़ाना मजबूरी - लम्बे समय से पद रिक्तता की स्थिति पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 25 Oct 2021, 11:17 PM IST

जिले में शिक्षकों के सैकड़ों पर खाली, कैसे हो पढ़ाई

जिले में शिक्षकों के सैकड़ों पर खाली, कैसे हो पढ़ाई

बाड़मेर. सीमावर्ती बाड़मेर जिले में शिक्षकों का टोटा शिक्षार्थियों के भविष्य पर अंधियारा फैला रहा है। जिले में अध्यापकों के पद रिक्त होने पढ़ाई नहीं हो रही है तो अन्य स्टाफ की कमी कोढ़ में खाज साबित हो रह है, क्योंकि विभिन्न प्रशासनि कार्यों का जिम्मा भी अध्यापक ही संभाल रहे हैं।

यह स्थिति लम्बे समय से है जरूरत है तो बस यह की स्थिति में सुधार हो। लम्बे समय तक कोरोना के चलते स्कू लों में शिक्षण कार्य नहीं हो रहा था। अब सरकार ने प्राथमिक से लेकर कॉलेज स्तर तक की पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं जिस पर स्कू लों में बच्चों की आवाजाही शुरू हो चुकी है।

बावजूद इसके शिक्षण कार्य को लेकर अभी दिक्कत आ रही है क्योंकि जिले के विद्यालयों में पद रिक्तता की स्थिति है। एेसे में बच्चों की पढ़ाई आशानुरूप नहीं हो रही। जिले में २७३२५ पदों में से ९३२६ पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधानाचार्य के आधे पद खाली है जबकि प्रधानाध्यापक मात्र ८० ही कार्यरत है, पद स्वीकृत २०७ हैं। वरिष्ठ अध्यापकों के २१७४ पद रिक्त चल रहे हैं तो अध्यापक लेवल प्रथम व द्वितीय के ४४४८ पदों पर रिक्तता है। दो-तीन कक्षाएं एक साथ- पद रिक्तता के चलते कई स्कू लों में छोटी कक्षाएं दो-तीन एक साथ चल रही है। एेसी स्थिति में एक कक्षा की पढ़ाई होने पर दूसरी के विद्यार्थियों को इंतजार करना होता है। वहीं, एक-दूसरे की पढ़ाई भी बाधित होती है। यह स्थिति सैकड़ों विद्यालयों में है।

दूर-दराज की स्कू लों में हालात नहीं सही- दूर-दराज की ढाणियों व गांवों में पद रिक्तता सर्वाधिक हैं। यहां इक्के-दुक्के अध्यापक ही कार्यरत है जबकि पद स्वीकृत ज्यादा है। इस पर अध्यापक के अवकाश पर जाने पर विद्यालय बंद करने की स्थिति हो जाती है।

पद रिक्तता से शिक्षण कार्य प्रभावित- पद रिक्तता के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। सरकार खाली पदों पर नियुक्ति करे जिससे कि बॉर्डर के जिले में शिक्षण स्तर सुधर सके।- छगनसिंह लूणू, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम (प्राथमिक )

शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी- सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढऩे के कारण अब और पद स्वीकृति की जरूरत है। सरकार कम से वर्तमान में स्वीकृत पदों पर तो नियुक्तियां करें जिससे कि सरकारी स्कू लों का स्तर और बेहतर हो सके।- महेश दादाणी, शिक्षक नेता