बाड़मेर .
बाड़मेर oil fielf से लगातार कम हो रहे क्रूड ऑयल उत्पादन ने राज्य सरकार को बड़ा झटका लगाया है। जनवरी 2018 से अब तक 3.50 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन हासिल होता तो राज्य के खाते में इस वित्तीय वर्ष के अंत में 12000 करोड़ रुपए होते लेकिन 4000 करोड़ पर ही संतोष करना पड़ा है। सवाल केवल इस साल का नहीं है, यह घाटा पिछले सालों व आने वालों सालों को जोड़े तो इससे भी अधिक ठहर जाता है।
बाड़मेरी तेल से राज्य को मिल रहे राजस्व का आंकलन करें तो वर्ष 209-20 में 3320.10 करोड़ रुपए था और कोरोनाकाल में बड़ा झटका लगा और 2020-21 में यह 1904.79 करोड़ आ गया। इस वर्ष उत्पादन पटरी पर लौटा लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत तक करीब 4000 करोड़ ही राजस्व मिला है।