पंडितों के अनुसार कि मकर संक्रांति 14 जनवरी की रात्रि में आएगी और 15 जनवरी को मनाई जाएगी। पिछले कुछ सालों से सूर्यदेव मकर राशि में 14 जनवरी की मध्यरात्रि में प्रवेश कर रहे है, इसके कारण पर्वकाल 15 जनवरी को मनाया जाता है। जिस प्रकार हर तीन साल में अधिकमास के कारण एक महीना बढ़ जाता है, उसी तरह हर तीन वर्ष में संक्रांति काल एक घंटे बढ़ जाता है। इस तरह से 70 से 80 साल में एक दिन बढ़ जाता है। इसके कारण संक्रांति पर्व 15 जनवरी को पड़ता है।