
गृहकार्य नियमित करें, नोट्स बनाने की डालें आदत
करीब दस माह बाद विद्यालयों, कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू हुआ है। ऐसे में लम्बे समय बाद पढ़ाई शुरू होने से विद्यार्थियों में भी ऊहापोह है कि अब वे क्या पढ़े और कैसे पढ़े? इसको लेकर किसकी सलाह लें। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ने कॅरियर पाइंट कॉलम शुरू किया है जो विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से रूबरू करवाएगा। इसमें विषयाध्यापक या विशेषज्ञ सफलता के सूत्र बताएंगे।
बाड़मेर. राजस्थान सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अन्तर्गत 18 जनवरी से कोरोना गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करते हुए कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस क्रम में सभी छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे दो गज दूरी व मास्क है जरूरी का आवश्यक रूप से पालन करे। सूत्र-1- संशोधित पाठ्यक्रम की लें जानकारी मई अथवा जून में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित सफलता के लिए सर्वप्रथम अपने विषयाध्यापक से संशोधित पाठ्यक्रम की जानकारी प्राप्त करें। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से समय -समय पर जारी निदेर्शोंं की जानकारी के लिए विद्यालय के सोशल मीडिया प्लेटफार्म से सतत रूप से जुड़े रहें। सूत्र-2-पैटर्न को समझें सिलेबस में कमी व परीक्षा प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव को भली भांति समझने के बाद अपना अध्ययन शुरू करें जिससे कि अनावश्यक सिलेबस नहीं पढऩा पड़े। अपना गृहकार्य नियमित रूप से करते हुए नोट्स बनाने की आदत डालें। बहुत समय बाद विद्यालय खुलने के कारण मोबाइल का उपयोग सिर्फ शिक्षा कार्य के लिए ही करें। सूत्र-3- सरल से कठिन की ओर जाएंसभी विषयों के वे प्रश्न या बिंदू जो आसानी से समझ में आए उनको याद करते हुए कठिन बिन्दुओ की तरफ जाएं। गणित जैसे कठिन विषय में प्रश्नों की क्रियाविधि व सूत्रों को कण्ठस्थ करते हुए एक जैसे प्रश्नों का बार-बार दोहरान करें। कोई भी शंका समाधान होने पर बेहिचक अपने विषयाध्यापक का मार्गदर्शन लेते रहें। विद्यालय नियमित रूप से जाए व कोई भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। - राकेश बोहरा (व्याख्याता) डाइट बाड़मेर
Updated on:
22 Jan 2021 08:05 pm
Published on:
22 Jan 2021 08:05 pm
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