बाड़मेर ञ्च पत्रिका . परंपरागत खेती के साथ-साथ वैज्ञानिक कृषि के तौर तरीकों को अपनाने, समन्वित कृषि प्रणाली, व्यावसायिक फसलों के उत्पादन पर जोर देने की आवश्यकता है। साथ ही द्वितीयक कृषि से मूल्य संवर्धन, मार्केङ्क्षटग, प्रसंस्करण, ब्रांङ्क्षडग आदि की जरूरत है, ताकि किसानों की आय बढ़ सके। यह बात केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र ङ्क्षसह तोमर ने वर्चुअल माध्यम से केवीके गुड़ामालानी सहित विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों से जुडकर प्रगतिशील कृषकों से संवाद करते हुए कही।
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान भागीदारी प्राथमिकता अभियान के तहत जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन आत्मा बाड़मेर व कृषि विज्ञान केन्द्र, गुड़ामालानी के संयुक्त तत्वावधान में केवीके गुड़ामालानी में आयोजित किया गया। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हम सभी को मिलकर संयुक्त रूप से प्रयास करने हैं। मुख्य अतिथि महेन्द्र कुमार चौधरी जिला प्रमुख बाड़मेर ने कहा कि बाड़मेर जिले में किसानों के द्वारा किए जा रहे नवाचारों से अलग पहचान बन रही है।