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बाड़मेर का पारा 8 और न्यू ईयर जोश 100 डिग्री

देर रात तक म्यूजिक पर थिरके बाड़मेराइट्स
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 1 Jan 2023, 1:36 PM IST

बाड़मेर का पारा 8 और न्यू ईयर जोश 100 डिग्री

बाड़मेर का पारा 8 और न्यू ईयर जोश 100 डिग्री

तेज म्यूजिक पर धमाल, झंकार-ताल और दिलकश आवाज के जादू के साथ गूंजती सुर लहरियां और थिरकते र्नइ पीढ़ी के बाड़मेराइट्स, जोश, जुनून और आसमान में सितारों की बारात। बाड़मेर का न्यूनतम पारा 8 डिग्री और झूमने व नाचने वालों का न्यू ईयर जोश 100 डिग्री रहा। यह था शनिवार रात का नजारा। यहां वीकएंड की रात 12 बजते ही कुछ लम्हों के लिए बंद की गई लाइट्स नया साल 2023 आते ही फिर जगमगा उठीं। हर तरफ खुशियों के माहौल मे चहकते लोगों ने एक दूसरे को हैप्पी न्यू ईयर कहा। बाहर से आ कर रहे सरकारी और प्राइवेट फर्म के अफसरों, डिफेंस व बीएसएफ परिवारों और बाड़मेराइट्स ने अपने अपने ग्रुप में अपने अंदाज में नया साल मनाया। इधर शहर के होटल और रेस्तरां,गेस्ट हाउस व पॉश कॉलोनियों में भी म्यूजिक और डान्स की मस्ती में डूबे नजर आए। न्यू ईयर की उमंग में झूमते युवाओं और कपल्स के कदम थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। न्यू ईयर वेलकम प्रोगाम के साथ कलाकारों ने रॉक बैंड व आर्केस्ट्रा पर बॉलीवुड, हॉलीवुड, पॉप,जैज, रैप रिद्म फोक और फ्यूजन म्यूजिक पर डान्स से धमचक मचाई। वहीं मोबाइल पर मित्रों-परिचितों और रिश्तेदारों को एसएमएस, फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप, टेलीग्राम, स्काइप, वीडियो कॅालिंग और फूल, बुके, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट व तोहफे दे कर भी न्यू ईयर का स्वागत किया।

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लोक संस्कृति के संग मनाया नया साल
शहर और देहात में परंपरा का निर्वाह करने वाले लोगों ने परंपरागत मालाणी अंदाज और लोक संस्कृति के संग नया साल मनाया। अधिकतर लोगों ने घरों पर परिवार के सदस्यों व मित्रों केे साथ नव वर्ष मनाया। इस दौरान लोक गीत, लोक संगीत, लोक गायन और लोक नृत्य की धूम रही। इसके तहत गांव की चौपालों व बस्तियों और अपने घरों के कमरों में अलग - अलग थीम से जुड़े कार्यक्रमों से मनोरंजन किया। वहीं परंपरागत ड्रेस पहने लोगों ने कहीं लोक कलाकारों के संग तो कहीं मोबाइल पर डाउनलोड कर लोक गीत, लोक संगीत व लोक नृत्य का लुत्फ उठाया ।

लोक भोज व हल्दी गोठ
इसके अलावा शहर और गांव की मित्र मंडलियों ने लोक भोज व हल्दी गोठ के साथ न्यू ईयर का उत्सव मनाया। रसोई में स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। वहीं गर्म चाय, कॉफी, दूध जलेबी, दूध फीणी, पकोड़े, सोगरा कढ़ी, हल्दी की सब्जी व गाजर का हलवे का आनंद उठाया। परंपरागत भोजन व पकवान बाजरा खींच, बाजरा रोटी, बाजरा चूरमा, बाजरा सूप, बाजरा खीर, घी-गुड ,हल्दी ,कैर, सांगरी, काचरा, कुमटिया, ग्वार फली, कढ़ी व लहसुन की चटनी का जायका लिया।