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मूंग तुलाई से किसानों को दी थी राहत , लेकिन एक माह बाद भी भुगतान नहीं करने से हो रहे आहत, जानिए पूरी खबर

- किसानों का दो करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया

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Coriander Weighment,No payment ,farmer

No payment after one month of Coriander Weighment

बालोतरा.मूंग के भाव बाजार से अधिक मिलने पर सैकड़ों किसानों ने इन्हें बालोतरा खरीद केन्द्र पर सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचा, लेकिन तुलाई को एक महीना बीतने के बाद भी उनके खातों में पैसे जमा नहीं होने से उनकी हालत खस्ता है। पैसों के लिए किसान खरीद केन्द्र, बालोतरा मार्केटिंग सोसायटी व बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, जहां से उन्हें पैसे जमा नहीं होने का रटारटाया जबाब मिल रहा है।

किसानों को संबल देने के लिए सरकार ने 5575 रुपए प्रति क्ंिवटल समर्थन मूल्य पर मंूग खरीदने की घोषणा की। इससे किसानों को राहत मिली क्योंकि बाजार में 4000 से 4200 रुपए प्रति क्विंटल दर से ही मूंग बिक रहे थे।

यह है प्रक्रिया, इतनी हुई तुलाई

समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद के लिए ऑनलाइन की अनिर्वायता लागू की गई। किसानों के ई कियोस्क पर रजिस्ट्रेशन करवाने पर एसएमएस से इन्हें तुलाई तारीख की जानकारी दी जाती है। रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता, गांव से केन्द्र की दूरी 50 से 70 किमी से अधिक होने, कम पैदावार आदि के कारण खरीद की शुरूआत के बाद से अब तक सीमित किसान ही केन्द्र पर मूंग लेकर पहुंचे। 6 दिसम्बर तक केन्द्र पर 307 किसानों के 4 हजार 352.50 क्ंिवटल मूंग की तुलाई की गई। प्रतिदिन औसतन 30 से 35 किसान पहुंचते हैं। वहीं 300 से 350 क्ंिवटल मंूग की तुलाई होती है।

किसान काट रहे चक्कर

स्थानीय खरीद केन्द्र पर 30 अक्टूबर को पहली बार तुलाई की गई। नियमानुसार अधिकतम एक सप्ताह में किसान के बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान किया जाना चाहिए। लेकिन अब तक एक भी किसान को भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी अनुसार किसानों को बकाया 2 करोड़ 42 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है।

सरकार के फैसले पर सबसे पहले केन्द्र पर मूंग की तुलाई की थी। लेकिन भुगतान नहीं मिला। 20 चक्कर लगा चुका हंू। कहीं कोई सुनवाईनहीं हो रही है। - चंदनसिंह, कृषक सिलोर

खरीद केन्द्र पर 30 अक्टूबर को मंूग की तुलाई की थी, लेकिन भुगतान नहीं मिला। केन्द्र व मार्केङ्क्षटग सोसायटी में पूछने पर शीघ्र करने का आश्वासन देते हैं। - शंकर माली, कृषक लाखेटा
गांव से केन्द्र की दूरी अधिक है। लेकिन अधिक कीमत मिलने पर केन्द्र पर मंूग तुलवाए। एक माह बीत चुका है। भुगतान नहीं मिलने से परेशानियां बढ़ गई हैं। - पिंकी, किसान अंबों का बाड़ा

मंूग तुलवा कर मानों सबसे बड़ी गलती कर दी। मार्केटिंग सोसायटी व बैंक के चार चक्कर काट चुका हूं। पैसे नहीं मिलने से परेशानी बढ़ती जा रही है। - भूराराम, किसान लाखेटा
किसी भी किसान को भुगतान नहीं किया गया है। संभवत: तकनीकी त्रुटि से देरी हुई है। जयपुर मुख्यालय अवगत करवाया है। - प्रेमसिंह, मुख्य व्यवस्थापक बालोतरा मार्केटिंग सोसायटी

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