राज्य में अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए पिछले दिनों अभियान भी शुरू किया गया। लेकिन जागरूकता की गति काफी धीमी है। ब्रेन डेड मरीज, दुर्घटना के मृतक और प्राकृतिक मौत के मामलों में अंगदान करवाया जा सकता है। इसके लिए परिजनों की सहमति या व्यक्ति के पूर्व में ऑर्गन डोनेट को लिए गए संकल्प पत्र के आधार पर भी उसके अंग दान हो सकते हैं। एसओटीटीओ की साइट पर डोनर्स अंगदान के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं अंग की जरूरत वाले पंजीकृत रिसीवर यहां पर वेटिंग का स्टेट्स भी जान सकते हैं। एसओटीटीओ अंगदान-महादान की मुहिम भी चला रहा है।
सबसे ज्यादा किडनी के लिए वेटिंग
राजस्थान में सबसे अधिक किडनी ट्रांसप्लांट वाले मरीज है। एसओटीटीओ की साइट के अनुसार वर्तमान में 581 रोगियों को किडनी की जरूरत है। वहीं दूसरे स्थान पर लीवर के लिए 201, हॉर्ट के 72 मरीज कतार में है।
अब तक 110 ऑर्गन ट्रांसप्लांट
राजस्थान में अब तक 110 ऑर्गन किए जा चुके हैं। इसमें किडनी के 75, लीवर के 24, हार्ट के 09, फेंफडा़ व पेनक्रियाज 1-1 ट्रांसप्लांट किए हैं। प्रदेश में 46 लोगों ने अपने अंगदान से कई लोगों को नया जीवन दिया है।
करवा सकते है पंजीयन
मेडिकल कॉलेज में एसओटीटीओ के ऑर्गन रिट्रिवल सेंटर शुरू होने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कमेटी भी बनेगी। वहीं अंगदान के लिए पंजीयन बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। किसी रोगी को अंग की जरूरत है तो वह भी पंजीयन करवा सकता है।