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प्रताप महान देश भक्त, उनके जीवन से लें प्रेरणा

महाराणा प्रताप की 478 वीं जयंती मनाई
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प्रताप महान देश भक्त, उनके जीवन से लें प्रेरणा

प्रताप महान देश भक्त, उनके जीवन से लें प्रेरणा

बालोतरा.
नगर में शनिवार को शिवसेना की ओर से महाराणा प्रताप की 478वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। भगवान महावीर वाचनालय में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने महाराणा प्रताप को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

शिवसेना जिला प्रमुख पन्नालाल सोलंकी, करणी सेना जिला संयोजक नरपतसिंह उमरलाई ने महाराणा प्रताप की तस्वीर के आगे दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। सोलंकी ने संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप महान देश भक्त थे। मातृभूमि की आजादी व रक्षा के लिए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी। मुश्किलों का सामना करते हुए हार नहीं मानी। युवा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश व समाज की सेवा करें। शिवसेना पूर्व जिलाध्यक्ष जबरसिंह सोढ़ा, करणी सेना जिलाध्यक्ष शंभूसिंह पिण्डारण, जिला संयोजक नरपतसिंह उमरलाई, पृथ्वीसिंह सिणधरी ने कहा कि महाराणा प्रताप वीर योद्धा थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इस पर आज भी उनका नाम अमर है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर देश व समाज की सेवा करें। हिंदू हेल्प लाइन जिला संयोजक विष्णु सोनी, नारायणसिंह ,भरत गहलोत, रामसिंह राजपुरोहित, एंकर राजू माली, राजू खण्डेलवाल, दौलत प्रजापत, महेन्द्रसिंह, अमरसिंह, गंगासिंह,श्रवण माली, भरत प्रजापत ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कौन है महाराणा प्रताप- मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप देश के महान शासकों में शामिल हैं। महाराणा प्रताप ने देश प्रेम, राष्ट्र भक्ति और स्वाभिमान का संदेश आमजन को दिया। जब पूरा देश दिल्ली के शासक अकबर की अधीनता स्वीकार रह रहा था, तब उन्होंने उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी। राजपाट खोने के बावजूद सम्मान के खातिर अकबर की पराधीनता जीते जी स्वीकार नहीं की। हल्दीघाटी के युद्ध के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी घुम्मकड़ के रूप में बिताई। इस दौरान छापामार युद्ध के मार्फत अकबर से संघर्ष जारी रहा। उनको हिन्दुआ सूरज, हिन्दू शिरोणि सहित कई नामों से जाना जाता है। उनके जीते जी पूरा मेवाड़ कभी भी मुगल शासन के अधीन नहीं रहा।