
फोटो - AI
Rajasthan : बाड़मेर के गुड़ामालानी क्षेत्र के आरजीटी ऑयल फील्ड में पार्कर ड्रिलिंग रिंग पर क्रू को लाने-ले जाने में लगी एक बस को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि वेंडर कंपनी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक बस का संचालन कर रही है, जबकि इसी नंबर की असली बस जालोर जिले के सांचौर में चल रही है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद रिंग क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि आरजीटी में प्रदेश का सबसे बड़ा गैस प्लांट रागेश्वरी डीप गैस प्लांट है।
शिकायत में आरोप हैं कि वास्तविक नंबर की बस खुली विंडो मॉडल है, जबकि रिंग क्षेत्र में जो बस चलाई जा रही है वह पैक ग्लास एसी बस है। इससे नंबर प्लेट और दस्तावेजों में बड़े स्तर पर हेरा-फेरी होने की आशंका गहरा गई है।
शिकायत में आरोप है कि रिंग पर संचालित बस के इंजन नंबर और चेसिस नंबर गलत तरीके से अंकित हैं। बताया गया कि इनकी वास्तविक जानकारी वाहन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। आरोप है कि उसी नंबर की ओरिजनल बस 10 नवंबर 2025 को सांचौर स्थित टाटा टेल्को वर्कशॉप में सर्विस पर खड़ी थी, जिसका जॉब कार्ड सर्विस सेंटर से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उसी समय यह नंबर लगाकर दूसरी बस आरजीटी फील्ड में क्रू के लिए संचालित हो रही है।
करीब एक माह पहले इसी रिंग पर क्रेन दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। ऐसे में फर्जी नंबर वाली बस से क्रू को ले जाना सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी माना जा रहा है।
जो आप गाड़ी बता रहे है, इस तरह की केयर्न के साथ कोई गाड़ी नहीं है। इस तरह की शिकायत मिली थी फिर हमने जांच भी करवाई है। यह गाड़ी किसी सब कॉन्ट्रेक्ट के आरजीटी क्षेत्र से बाहर चलाने की जानकारी है। फिर भी जांच करवाएंगे।
अयोध्या प्रसाद गौड़, हैड स्टेकहोल्डर रिलेशन्स, केयर्न ऑयल एंड गैस
Updated on:
17 Nov 2025 11:36 am
Published on:
17 Nov 2025 11:36 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
