सीआरपीएफ में एसआई पद पर चयनित राहुल के पिता जालाराम के अनुसर बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होंने और पत्नी कमला अलग-अलग जगह पर चूडिय़ां व कपड़े बेचते है। राहुल की मां बाड़मेर में जिला अस्पताल के सामने फुटपाथ पर चूडिय़ां बेचती है। वहीं पास में ही तिलक बस स्टैंड में पिता भी चूडिय़ां बेचने का काम करते है। कमाई कम होती है, लेकिन फिर भी बच्चों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखी। इसी का नतीजा है कि आज बेटे की सफलता पर नाज है।