पीडि़त ने गत 1 जून को एसीबी में भू-अभिलेख निरीक्षक के खिलाफ शिकायत दी थी। आरोप है कि पीडि़त की जमीन की तरमीम में संशोधन करना है। जिसके लिए उसने निरीक्षक से सम्पकज़् किया तो तरमीम के बदले पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने पर एसीबी ने 6 जून को सत्यापन कराया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। पहली किस्त के पचास हजार रुपए लेने के लिए पीडि़त को गांव में कार्यालय बुलाया गया, जहां पीडि़त ने उसे 50 हजार रुपए दिए। तभी एसीबी ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।