उन्होंने कहा कि इस येाजना केे अंतर्गत केन्द्र की ओर से दक्षता आधारित विभिन्न विषयों जैसे डेयरी, बकरीपालन, नर्सरी प्रबंधन, मुर्गीपालन, मूल्य संवद्र्धन, एफपीओ, आय जनित गतिविधियों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लखमा राम चौधरी ने प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के अवसर कौशल प्रशिक्षण के आधार पर कैसे प्रदान किए जाए इसके बारे में जानकारी दी। डॉ. हरि दयाल चौधरी ने नर्सरी प्रबंधन एवं पौध संरक्षण के बारे में जानकारी दी। गंगाराम माली ने प्रवासी मजदूरों को मृदा की सरंचना एवं जल परीक्षण की तकनीक को विस्तारपूर्वक समझाया एवं जल एवं मृदा नमूना लेने की जानकारी प्रदान की।