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खांसी-जुकाम ठीक होने में लग रहे 10 दिन से ज्यादा, रिकवरी में देरी से बढ़ रही चिंता

सामान्य मौसमी बीमारियां कर गई घर-अस्पताल में लग रही बीमारों की लम्बी कतारें
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बाड़मेर

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Mahendra Trivedi

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Updated: 1 Mar 2023, 9:58 PM IST

खांसी-जुकाम ठीक होने में लग रहे 10 दिन से ज्यादा, रिकवरी में देरी से बढ़ रही चिंता

खांसी-जुकाम ठीक होने में लग रहे 10 दिन से ज्यादा, रिकवरी में देरी से बढ़ रही चिंता

बाड़मेर. मौसम में बदलाव के चलते अस्पताल में बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रोजाना की बढ़ती भीड़ के चलते जिला अस्पताल में सुबह से दोपहर तक लम्बी कतारें देखी जा रही है। अस्पताल की ओपीडी 4000 के आसपास तक पहुंच रही है। बीमारों में खांसी-जुकाम और बुखार के पीडि़त ज्यादा है। बच्चों में भी मौसमी बीमारियों ने घर कर लिया है। रिकवरी में अधिक समय लगने से चिकित्सक भी चिंतित है।

बीमारों के अचानक बढऩे का कारण मौसम में बार-बार आने वाले उतार-चढ़ाव को बड़ा कारण मान रहे हैं। दिन में गर्मी और रात और अलसुबह हल्की सर्दी के कारण लोग खांसी-जुकाम से पीडि़त हो रहे हैं। वहीं बुखार भी जकड़ रहा है। इसके चलते बीमारों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में दोपहर में पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती है। ओपीडी के गलियारों और वेंटिंग हॉल भरे हुए रहते हैं।

फेफड़ों में मिल रहा संक्रमण

विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य खांसी-बुखार के मरीज भी ठीक होने में ज्यादा समय ले रहे हैं। जबकि वायरल का असर तीन से पांच दिन ही रहता है। लेकिन कई मरीजों में फेफड़ों में संक्रमण भी मिल रहा है, जो गंभीर स्थिति के लक्षण बता रहा है। इसके कारण मरीज के स्वस्थ होने का पीरियड बढ़ गया है। चिकित्सक बताते हैं कि खांसी-जुकाम का असर 10 दिनों तक रहना चिंता बढ़ा रहा है।

पर्ची, परामर्श, नमूना जांच और दवा के लिए इंतजार

जिला अस्पताल में पर्ची के लिए तीन-चार काउंटर है। लेकिन लम्बी कतार के चलते मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बाद में परामर्श और फिर नमूने देने के लिए कतार में खड़े रहना और दवा लेना भी जरूरी है। जो रोगियों पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में कई मरीज लाइनों में थककर बैठ जाते हैं।

पीडिया की ओपीडी में बीमार बच्चों की भरमार

बच्चों की ओपीडी भी सुबह से ही भर रही है। यहां पर कतारें चिकित्सक के आने से पहले ही लग जाती है। कई बार तो स्थिति यह हो रही है कि गार्ड के अभाव में अव्यवस्था फैल जाती है और बीमार बच्चों के परिजन चिकित्सक को घेर लेते हैं। यह स्थिति जिला अस्पताल के मेडिसिन और पीडिया की ओपीडी में देखने में आ रही है।

रिकवरी में लग रहा ज्यादा समय

मौसमी बीमारियों के मामलों में रिकवरी का समय बढ़ गया है। इसका कारण अभी पता नहीं चला है। कुछ समय से ऐसे मरीजों की तादाद बढ़ी है जो खांसी-जुकाम और बुखार से पीडि़त है, लेकिन रिकवरी में देरी हो रही है जबकि मौसमी बीमारियां दवा लेने पर तीन से पांच दिन में ठीक हो जाती है।

डॉ. बीएल मंसूरिया, पीएमओ व अधीक्षक राजकीय अस्पताल बाड़मेर

रोगियों की संख्या ज्यादा हो रही

ओपीडी में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। मेडिसिन में 90 फीसदी रोगी खांसी-जुकाम और बुखार के आ रहे हैं। इनमें काफी मरीज ऐसे हैं जो पांच दिन दवा लेने के बाद भी स्वस्थ नहीं हुए और फिर से जांच के लिए आ रहे हैं। इसके कारण रोगियों की संख्या ज्यादा हो रही है।

डॉ. थानसिंह (मेडिसिन) राजकीय अस्पताल बाड़मेर