समापन समारोह की मुख्यअतिथि डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि फेलियर के बाद भी जिदंगी समाप्त नहीं होती है। खिलाडिय़ों को हार से निराश नहीं होना बल्कि ज्यादा मेहनत से आने वाली प्रतियोगिता की तैयारी करनी है। उन्होंने इस मौके पर तनसिंह चौहान को याद करते हुए उनके कहा कि उनके सद्कार्यों को आज उनके दोनों बेटे आगे बढ़ा रहे हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में रावत त्रिभुवनसिंह ने बाड़मेर के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी देरावरसिंह भाटी एवं राजूसिंह सोढा को याद करते हुए बाड़मेर के हॉकी खिलाडिय़ों को आगे बढने की नसीहत दी। विजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए बाड़मेर में हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की और भी जिम्मेदारी लेने की बात कही। इस अवसर पर हॉकी राजस्थान के उपाध्यक्ष एवं प्रतियोगिता के संयोजक देवेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि बाड़मेर की मेजबानी व आमजन की हॉकी के प्रति जो उत्साह रहा वो हमेशा याद रहेगा। विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को आदर्श मानकर हॉकी का अभ्यास करने की सलाह दी। राष्ट्रीय खेल में देश व राज्य का नाम रोशन करने की बात कही। इस अवसर पर कैप्टन हीरसिंह भाटी, हॉकी बाड़मेर के संरक्षक वीरसिंह भाटी, कोषाध्यक्ष कैलाश मेहता, बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष जगदीश चौहान, सुरेश मोदी, भामाशाह पवनकुमारसिंह भाटी, कमल सिंहल, भगवानदास ठारवानी, गोविन्द सिन्धी, हॉकी राजस्थान के संयुक्त सचिव लोकेश मीणा, गणेश यादव, सिद्वार्थ गौड़, प्रशान्त, हरवीरसिंह हनुमानगढ़ सहित राजस्थान व बाड़मेर हॉकी के पदाधिकारी उपस्थित थे।