सर्वटे ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न ग्राम, तहसील, जिलों आदि से अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगो से प्राप्त परिवादों से ज्ञात होता रहता है कि उनकी खातेदारी की भूमि पर दबंग एवं प्रभावशाली लोग कब्जा करके इन्हें आर्थिक, शारीरिक व मानसिक क्षति पहुंचाने का प्रयास करते रहते है, जोकि गैर कानूनन है । इसे दंडनीय आपराधिक कृत्य भी माना गया है।