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पाक युद्ध की जीत का जाबांज देगा पुलिस जवानों को प्रेरणा

सोढा का शौर्य और पराक्रम बनेगा नौजवानों के लिए प्रेरणादायक - दीपक भार्गव
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 15 Jun 2022, 11:42 PM IST

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बाड़मेर. टीम थार के वीर ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में पराक्रम दिखाने वाले देवीसिंह सोढा की शौर्य गाथा को पुलिस विभाग की लाइब्रेरी और संग्रहालय में रखने के लिए तस्वीरनुमा शौर्य गाथा जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह जैतावत को भेंट की।

थार के वीर संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर ने बताया कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में सीमांत गडरारोड निवासी देवी सिंह सोढा राजस्थान पुलिस में इंस्पेक्टर थे ,उन्होंने अपने शौर्य, पराक्रम और कूटनीति से भारतीय सेना को पाकिस्तान तक का रास्ता बताने में सहयोग किया था। साथ ही जरूरत पड़ने पर आमजन की सहायता से भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की भी मदद की थी। सोढा के शौर्य और पराक्रम से प्रभावित होकर भारत सरकार ने उनको 1971 में संग्राम मेडल से नवाजा था ।

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दीपक भार्गव ने कहा कि सोढा के स्वर्णिम योगदान को राजस्थान पुलिस हमेशा याद रखेगी। संग्रहालय में उनकी शौर्य और गाथा से नई पीढ़ी के नौजवान प्रेरित होंगे। सोढा के शौर्य और पराक्रम पर राजस्थान पुलिस को गर्व और फक्र की अनुभूति हो रही है। देवीसिंह सोढा के पुत्र तनसिंह सोढा और भभूतसिंह सोढा उपिस्थत रहे।

1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, साथ ही राजस्थान पुलिस ने भी अपने कर्तव्य और शौर्य का परिचय देते हुए पाकिस्तान को फतह करने का काम किया था , जिसके लिए कई दिनों तक पाकिस्तान की धरती पर हमारी पुलिस ने कब्जा कर के आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को संभाला था ।

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यह है शौर्यगाथा-थार के वीर संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर ने बताया कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में सीमांत गडरा रोड निवासी देवी सिंह सोढा राजस्थान पुलिस में इंस्पेक्टर की भूमिका में थे ,उन्होंने अपने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ बहादुरी और कूटनीति का परिचय देते हुए भारतीय सेना को पाकिस्तान तक का रास्ता बताने में सहयोग किया था । साथ ही जरूरत पड़ने पर सिविलियन की सहायता से भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की भी मदद की थी ,1968 में पाक से विस्थापित होकर बाड़मेर के गडरा रोड में बसे देवी सिंह सोढा ने अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया जिससे भारत ने पाकिस्तान को फतह किया ।