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कोरोना की चिंता के बीच किसानों के घर बरसेंगे दो लाख करोड़, जानिए कैसे

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने ली राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 17 Jun 2020, 9:06 PM IST

कोरोना की चिंता के बीच किसानों के घर बरसेंगे दो लाख करोड़, जानिए कैसे

कोरोना की चिंता के बीच किसानों के घर बरसेंगे दो लाख करोड़, जानिए कैसे



बाड़मेर.केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा कैलाश चौधरी ने बुधवार को राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक को सम्बोधित किया। चौधरी ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन की वजह से पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसमें से उन्होंने कृषि के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को ठीक करने और कृषि से संबंधित क्षेत्रों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।उन्होंने कहा कि कृषि से संबंधित सुधारों में अनिवार्य वस्तु अधिनियम में संशोधन करना सबसे प्रमुख है। इस संशोधन के तहत अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दाल, प्याज और आलू के उत्पादन और बिक्री को डिरेगुलेट किया जाएगा। इससे इन उत्पादों पर कोई स्टॉक लिमिट नहीं रह जाएगी। चौधरी ने कहा कि आने वाले दिनों में 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 2 लाख करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह पैसा पीएम किसान लाभार्थियों को दिया जाएगा। इसमें पशु पालन और मछली पालक किसानों को भी लाभ दिया जाएगा।इसके अलावा सरकार ने नाबार्ड के माध्यम से किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपए इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड का प्रावधान किया गया है। इससे तीन करोड़ छोटे व सीमांत किसानों को फायदा होगा। यह 30,000 करोड़ रुपए नाबार्ड की ओर से दिए जाने वाले 90,000 करोड़ रुपए से अलग होगा। यह पैसा ग्रामीण बैंकों तक पहुंचाया जाएगा।3 करोड़ किसानों को दिया 4.22 लाख करोड़ रुपए कृषि ऋण-कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 1 मार्च से लेकर अब तक 3 करोड़ किसानों को कृषि ऋण 4.22 लाख करोड़ रुपए दिया गया है, जिसमें तीन माह का ब्याज माफ है। इसके अलावा 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जिसकी लिमिट 25 हजार करोड़ रुपए है। साथ ही, 1 मार्च से 30 अप्रेल के बीच 86600 करोड़ रुपए के 63 लाख ऋण स्वीकृत किए गए हैं। नाबार्ड ने 29,500 करोड़ रुपए कॉपरेटिव बैंक और ग्रामीण बैंकों को लोन के लिए फाइनेंस किया है।