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ग्रामीणों ने किया श्रमदान, जल संरक्षण की ली शपथ

राजस्थान पत्रिका की ओर से अमृतं जलम् कार्यक्रम पीपलून के कराड़ा नाडा व पाटोदी के चिलानाडी तालाब पर बही श्रम की बूंदेंम् कार्यक्रम
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ग्रामीणों ने किया श्रमदान, जल संरक्षण की ली शपथ

ग्रामीणों ने किया श्रमदान, जल संरक्षण की ली शपथ

अमृतं जलम् अभियान

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सिवाना. राजस्व गांव पिपलून के कराड़ा नाड़ा पर रविवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से अमृतं जलम् कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पुरुषों व महिलाओं ने भाग लेकर घंटों तक श्रमदान किया और जल संरक्षण का संकल्प लिया।
किसान यूनियन तहसील उपाध्यक्ष कोजराजसिंह भायल की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में महिलाएं हरिजस गाते हुए कराड़ा नाड़ा पर पहुंची। दोपहर बारह बजे से श्रमदान का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक जारी रहा। महिलाओं ने तालाब की मिटटी खोदकर पाल पर डाली। पुरुषों, बच्चों ने तालाब सफाई करते हुए कंटीली झाडिय़ां हटाई । श्रम की बूंदों से कराड़ा नाड़ा चहक उठा। कोजराजसिंह ने पत्रिका के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में जागृति आएगी। उन्होंने उपस्थित जनों से पारम्परिक जल स्रोतों की रक्षा व जल संरक्षण करने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर गोलिया सरपंच मदाराम देवासी, वार्डपंच पुरकीदेवी, मैथीदेवी,छैलसिंह, दीपाराम देवासी, भैराराम, पुखदास वैष्णव, कानाराम खंगाराम, वजुदेवी मौजूद थे।

पाटोदी. क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिलानाडी के गांवाई तालाब पर रविवार को राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित हुआ। चिलानाडी सरपंच जोगेन्द्र प्रजापत, नायब तहसीलदार सवाईसिंह कुमावत ,उपप्रधान सुमित्रा प्रजापत की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुषों व महिलाओं ने भाग लिया। तालाब की खुदाई कर मिट्टी पाल पर डाली। कंटीली झाडिय़ों की कटाई कर तालाब की सफाई की। दो घंटे से अधिक श्रमदान करके से तालाब चहक उठा। अतिथियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए पारम्परिक जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर जीएसएस अध्यक्ष घमण्डाराम गढवीर, ग्राम सेवक ओमप्रकाश प्रजापत, मगाराम ढाका,रेंवतसिंह भाटी, पोलाराम धुडाणी, भभुताराम प्रजापत,मदन टाक, केसाराम भीखाणी मौजूद थे। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों के कार्यक्रमों की कड़ी में परम्परागत जल स्रोतों के रख-रखाव और जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसको अमृतं जलम् अभियान नाम दिया गया है, जिसमें ग्रामीणों के सहयोग से जल स्रोतों पर सफाई करवाई जाती है।
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