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दुबई कब? 90 प्रतिशत का जवाब-ख्याली पुलाव

-पत्रिका का सवाल- -खनिज संपदा,तेल और गैस का खजाना मिलने के बाद बाड़मेर केन्द्र व राज्य को खरबों रुपए का राजस्व दे चुका। 2003 में मंगला ऑयल फील्ड की खोज के वक्त ऐलान किया गया कि अब बाड़मेर दुबई बनेगा। 2009 में तेल का उत्पादन हुआ तो फिर कहा-बाड़मेर दुबई बनेगा। 2018 में रिफाइनरी की नींव पचपदरा में रखी तो वही बात-बाड़मेर दुबई बनेगा। सुन-सुनकर जिन बाड़मेर के लोगों के कान पक गए जवाब उन्हीं से मांगा तो 90 प्रतिशत का जवाब आया-अभी तक नहीं।
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बाड़मेर

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Ratan Dave

•

Updated: 24 Jun 2023, 1:17 PM IST

दुबई कब? 90 प्रतिशत का जवाब-ख्याली पुलाव

दुबई कब? 90 प्रतिशत का जवाब-ख्याली पुलाव

बाड़मेर. बाड़मेर दुबई बनने के सपने से बाड़मेरवासी गहरा सरोकार रखते हैै और इसको संजोए बैठे है। 2003 यानि करीब 20 साल से यह सपना देख रहे लोगों का जवाब है कि ऐसा अभी नहीं हुआ है। एक लाख करोड़ केन्द्र और 50 हजार करोड़ राज्य के खजाने में केवल तेल के राजस्व के 2009 से अब तक पहुंच चुके है। कोयला 1995 से बाड़मेर से निकल रहा है और 2003 से यहां पॉवर प्लांट भी भादरेस में स्थापित है लेकिन यहां पर भी दुबई बनने का सपना छोडि़ए अभी तक मूलभूत सुविधाओं व रोजगार पाने का ख्वाब ख्याली पुलाव बना हुुआ है।
राजस्थान पत्रिका के सर्वे में शामिल हुए 300 से अधिक लोगों के जवाब पर गौर करें तो हर सवाल के जवाब में 90 फीसदी का आंकलन है कि दुबई बनने का रोडमैप ही तैयार नहीं किया गया। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारों की कमजोर पैरवी, जागरूकता की कमी, राज्य व केन्द्र सरकार की अरुचि को भी आधार बनाया है। ग्राम पंचायतों के हिस्से में सीधी राशि या फिर मुकर्रर ग्राम पंचायत के विकास को तय 2-4 फीसदी राजस्व में हिस्सा चाहते है ताकि बड़ी राशि हाथ में होते ही विकास की तमाम योजनाएं गांव के इर्दगिर्द नजर आएगी। यही दुबई बनने का रास्ता है।
बाड़मेर में यह बड़े प्रोजेक्ट
1.रिफाइनरी(पचपदरा)-
2. लिग्नाइट पॉवर प्रोजेक्ट (भादरेस)-
3. गैस टर्मिनल(नगर)-
4. मंगला ऑयल फील्ड(नागाणा-छीतर का पार)
1. क्या खनिज संपन्न ग्राम पंचायतों की राजस्व हिस्सेदारी होनी चाहिए?
हां- 92.7
नहीं-5.6
कुछ कह नहीं सकते-2
2.क्या संबंधित कंपनियां स्थानीय को रोजगार दे रही है?
हां- 10.6
नहीं-82.4
कुछ कह नहीं सकते- 7
3 . क्या बाड़मेर के दुबई बनने का सपना साकार हुआ हैै?
हां- 21
नहीं-86.1
कह नहीं सकते-1
4. क्या इसके लिए जनप्रतिनिधि जिम्मेदार है?
हां- 84.5
नहीं-7.6
कह नहीं सकते-5
5. क्या कंपनियों के सीएसआर की राशि सही खर्च हो रही है?
हां-7.6
नहीं -84.1
कह नहीं सकते-5
6. क्या विधायक-सांसद इस मुद्दे पर आवाज उठाते है?
हां-11.2
नहीं -80.2
कह नहीं सकते -16
7. क्या केन्द्र व राज्य सरकार ने दुबई का कोई रोडमैप बनाया है?
हां-83.8
नहीं-10
कह नहीं सकते-11.6
8.क्या संबंधित कंपनियों ने गांवों का विकास किया है?
नहीं- 88.7
हां-7
कुछ कह नहीं सकते-11

फ्लैश बैक
2003- विश्व की सबसे बड़ी खोज मंगला हुई। तत्कालीन केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री और मुख्यमंत्री वसुंधराराजे यहां पहुंचे। पहली बार यहां बाड़मेर के दुबई बनने की बात कही।
2009- बाड़मेर में तेल उत्पादन प्रारंभ हुआ। प्रधानमंत्री मनमोहनङ्क्षसह ने यहां बाड़मेर के दुबई बनने की बात कही।
2018- पचपदरा में रिफाइनरी का कार्य शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाड़मेर के दुुबई बनने की बात कही।