स्थानीय प्रशासन ने कहा, भारत में आने वाले ऐसे लोग, जो धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होते हैं, उनकी सुरक्षा और आवास के लिए सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। कंजी और उनके बेटे की कहानी अब उन लोगों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है, जो अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।