
लाखों बकाया, किसान काट रहे चक्कर-
राजफैड के समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद बंद करने से जिले व क्षेत्र के हजारों किसान एक बार फिर परेशानी में पड़ गए हैं। बुधवार से खरीद को लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व केन्द्र पर बिक्री बंद करने किसान स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। किसान दुविधा पड़ गए हैं कि वे बाजार में कम दाम में मंूग बेचें अथवा कुछ दिन ओर इंतजार करें। सरकार अब नहीं खरीदती है तो किसानों को औने-पौने दामों में मंूग बेचने पड़ेंगे। वहीं, दूसरी ओर जिन किसानों से मूंग की खरीद की थी, उन्हें भुगतान नहीं किया है। वे इसके लिए चक्कर काट रहे हैं।
इस वर्ष प्रदेश व जिले में 15 अक्टूबर से ऑनलाइन मूंग खरीदने का निर्णय लिया, लेकिन इस घोषणा का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया। इस एक पखवाड़े तक खरीद केन्द्र पर बिक्री के लिए मूंग का एक दाना तक नहीं पहुंचा। सरकार के निर्णय की जानकारी के अभाव व निरक्षरता पर किसानों ने बाजार में 4000 से 4200 रुपए प्रति क्ंिवटल में मूंग बेचा, जबकि सरकार ने मूंग समर्थन मूल्य 5575 रुपए निर्धारित कर रखा है। 31 अक्टूबर तक जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, उनके ही मंूग खरीदा। इस पर बुधवार तक बालोतरा केन्द्र पर 80 किसानों के 1090 क्ंिवटल 50 किलो व बायतु केन्द्र पर तीन किसानों के 198 क्ंिवटल मंूग की तुलाई की गई।
रजिस्ट्रेशन व बिक्री बंद, दुविधा में किसान- 1 से 15 नवम्बर तक बालोतरा केन्द्र पर करीब 600 व बायतु केन्द्र पर 101 किसानों ने मंूग की बिक्री के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया। सरकार ने इन्हें तुलाई की कोईतारीख नहीं दी, जबकि किसान के रजिस्टे्रशन करवाने पर उसे तीन-चार दिन के बाद तुलवाई की तारीख दी जाती है। बुधवार दोपहर 2 बजे बाद सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया।
लाखों बकाया, किसान काट रहे चक्कर- बालोतरा केन्द्र पर अब तक 1100 क्विंटल व बायतु केन्द्र पर 198 क्ंिवटल मंूग की खरीद की हुई है, लेकिन अब तक एक भी किसान को भुगतान नहीं किया गया है। बालोतरा केन्द्र का 61 लाख 63 हजार रुपए व बायतु केन्द्र पर 11 लाख रुपए का भुगतान विक्रेता किसानों को किया जाना है। इस पर किसान रुपए के लिए केन्द्र के चक्कर काट रहे हंै।
तुलाई की नहीं दी तारीख- 3 नवम्बर को ऑनलाइन पंजीयन करवाया था। आज तक तुलाई की तारीख नहीं दी। अधिकारी संतोषप्रद जबाब नहीं दे रहे हंै। परेशानी व दुविधा में हूूं।
- मालमसिंह, किसान उमरलाई
संतोषजनक जवाब नहीं- देरी से मिली जानकारी पर 5 नवम्बर को पंजीयन करवाया था। तुलाई की तारीख को लेकर कई बार अधिकारियों से सम्पर्क कर चुका हूं। संतोषजनक जबाब नहीं मिल रहा है। - गंगाराम बिश्नोई, किसान गड़ीवाड़ा
अरमानो पर फिरा पानी- ऑनलाइन पंजीयन करवाने के बाद अच्छी कीमत मिलने को लेकर खुश था, लेकिन तुलाई बंद करने से अरमानों पर पानी फिर गया। कुछ दिन इंतजार करुं अथवा कम कीमत में बाजार में बेचूं, इस दुविधा में हूं। - भैरूसिंह, किसान उमरलाई
खरीद बंद की गई-
पूर्व में तुलाई करने वाले किसानों का भुगतान नहीं होने पर मूंग पर खरीद बंद की गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमसिंह, मुख्य व्यवस्थापक क्रय-विक्रय सहकारी समिति बालोतरा
Published on:
16 Nov 2017, 5:33 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.